कठुआ। कंडी क्षेत्र के लोगों ने सोमवार को डीसी कार्यालय के समक्ष खनन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से जिन ठेकेदारों को खनन की इजाजत दी गई है, वे सरकारी जमीनों पर भी खनन कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने जिला उपायुक्त को मांग पत्र भी सौंपा।
इस दौरान कंडी क्षेत्र के गांव रकेह, कनियाड़ा, पटैनी, सोहला, दिलवां और मेहताबपुर सहित 15 गांव के लोग बबलू सिंह जसरोटिया के नेतृत्व में जिला उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। जसरोटिया ने कहा कि माइनिंग ठेकेदारों की ओर से लगातार मनमानी की जा रही है। खनन संपदा की लूट कर रोजाना करीब 400 डंपर निकाले जाते हैं। उन्होंने माइनिंग विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों पर ठेकेदारों के साथ मिलीभगत के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों को दी गई परमिशन की जांच की जानी चाहिए। बबलू सिंह जसरोटिया ने कहा कि पांच से 10 फीट की परमिशन लेकर ठेकेदार की ओर से सैकड़ों फीट खुदाई कर खनन संपदा की लूट की जा रही है। उन्होंने कहा कि मंजली से मग्गर खड्ड तक के बनाए रास्ते पर बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए लिखित आदेश जारी किए जाएं। डंपर सहित अन्य बड़े वाहन मुख्य सड़क से न गुजारे जाएं। इससे हादसों में इजाफा हो रहा है। लोगों ने कहा कि वाहनों की आवाजाही से हादसों का डर सताता है। इसके अलावा दिन रात चलने वाले बड़े वाहनों से उड़ने वाली धूल मिट्टी से भी लोग परेशान हैं। वहीं, धूल मिट्टी से गांवों की हरियाली खत्म होती जा रही है। बलविंदर सिंह ने कहा कि जिला उपायुक्त खुद उक्त जमीन का दौरा कर देखें कि उक्त गांवों का क्या हाल है।