संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों के खिलाफ छेड़े गए अभियान के तहत जन जागृति मंच और अंबेडकर सेना मूलनिवासी ने शहर के वार्ड 17 में प्रदर्शन किया गया। इसमें स्थानीय महिलाओं, बच्चों और आम लोगों ने भाग लेकर अपना रोष जताया।
प्रदर्शन के दौरान हाथों में प्लेकार्ड लेकर स्थानीय लोगों ने स्मार्ट मीटर को सरकार की ओर से की जा रही लूट का साधन बताया। इस मौके पर जन जागृति मंच के अध्यक्ष संजय ने कहा कि जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिए जाने के बाद से यहां संसाधनों की लूट समेत लोगों पर अत्याचार बढ़ गए हैं। स्थानीय लोग बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और शासन व प्रशासन की मार से जूझ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के पास जो अपने संसाधन हैं उन्हें लूट कर हमें बिल्कुल ही कंगाल बनाया जा रहा है। वहीं, केंद्र की फांसीवादी भाजपा सरकार जम्मू कश्मीर को टेस्टिंग लैबोरेट्री बना दिया है जिसका उदाहरण हाल ही में जहां लग रहे स्मार्ट मीटर है।
वहीं, अंबेडकर सेवा मूलनिवासी के अध्यक्ष प्रदीप अंबेडकरी ने कहा कि हमारे लोग पहले ही बहुत सारी समस्याओं का सामना कर रहे हैं और यह स्मार्ट मीटर सीधा-सीधा लोगों की जेब पर डाका है। हम किसी भी कीमत पर कठुआ में स्मार्ट मीटर नहीं लगने देंगे।
प्रदर्शन में मौजूद सुरेश कुमार ने कहा कि सरकार के इस नए फरमान से 400 से 500 तक की दिहाड़ी कमाने वाले मजदूर वर्ग सबसे बुरी तरह से प्रभावित होगा। क्योंकि वह इतने महंगे बिजली के बिल नहीं दे सकते। इसलिए हम स्मार्ट मीटर का पुरजोर विरोध कर रहे हैं यदि इन्होंने स्मार्ट मीटर रोकना बंद नहीं किया तो हम पूरे कठुआ को इकट्ठा करके एक बहुत बड़ा संघर्ष करेंगे। प्रदर्शन में अमन, गिन्नी, अर्जुन, सोनिया, मोनिका, पंकज, शमी, सुरेश, अंकुश, पवन आदि उपस्थित रहे।