बिलावर। उपमंडल की मल्हार पंचायत के प्रतिनिधियों ने सरकार से उनके गांव में बनाए गए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की पक्की इमारत बनाने की मांग की है। पंचायत की सरपंच सलीमा बेगम पंच मोहम्मद रफीक पंच गुलजार अहमद और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि 20 वर्ष पूर्व मल्हार में सरकार की ओर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया था। इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकार की ओर से आज तक प्राथमिक उपचार के लिए सरकारी इमारत नहीं बनाई गई है और प्राथमिक उपचार केंद्र पिछले 20 वर्षों से गांव में स्थित एक कच्चे घर में किराए पर चल रहा है। सरपंच ने बताया जिला उपायुक्त कठुआ के मल्हार दौरे के दौरान भी कई बार अधिकारियों को इस बारे में अवगत करवाया था के प्राथमिक उपचार केंद्र की पक्की इमारत बनाई जाए, लेकिन आज तक सरकार की ओर से इस संबंध में कोई संज्ञान नहीं लिया गया। सरपंच ने कहा कि पंचायत में कई करनाल सरकारी भूमि उपलब्ध है जहां प्राथमिक उपचार केंद्र की सरकारी इमारत बनाई जा सकती है। सरपंच ने कहा कि इलाके की आबादी 5000 से अधिक है और सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। उन्होंने कहा कि किराए के एक कच्चे घर में चल रहे प्राथमिक उपचार केंद्र में कई सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया के पीएचसी के लिए कोई एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध नहीं है। डॉक्टरों की कमी के चलते लोगों को छोटी-छोटी बीमारियों का इलाज करवाने के लिए उप जिला अस्पताल बिलावर या जिला अस्पताल कठुआ जाना पड़ता है जिससे इलाके के लोगों पर आर्थिक बोझ पड़ता है और प्राथमिक उपचार केंद्र में कई सुविधाएं उपलब्ध ना होने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। सरपंच और मल्हार पंचायत के अन्य प्रतिनिधियों ने सरकार से प्राथमिक उपचार केंद्र मल्हार की सरकारी इमारत बनाने की मांग की है। उन्होंने यह मांग भी की प्राथमिक उपचार केंद्र में सही प्रकार के स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए जल्द से जल्द डॉक्टरों के रिक्त पड़े पदों को भरा जाए।