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दूध की बिक्री कम होने से गुज्जर समुदाय के लोग परेशान

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हीरानगर। कोरोनावायरस को हराने के लिए देश में लॉक डाउन के चलते बाजार पूरी तरह से बंद है और लोग अपने घरों में हैं। सभी हलवाई की दुकानें भी बंद हैं। जिस कारण दूध की बिक्री में भारी गिरावट आई है। दूध की बिक्री में कमी आने से गुज्जर समुदाय के लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समुदाय के ज्यादातर लोगों का गुजर बसर दूध बेचकर ही होता है। बाजार में दूध ना बिकने के कारण मवेशियों के लिए चारे का प्रबंध करना भी इनके लिए मुश्किल हो रहा है। कोट पुन्नू के आलम दीन ने बताया कि उनके पास 15 भैंस हैं। करीब 1 क्विंटल के आसपास दूध हम रोजाना बाजार में बेचकर अपने लिए राशन पानी और भैंसों के लिए चारे का प्रबंध करते थे। लेकिन अब 10 किलो दूध भी नहीं बिक रहा। हालांकि हम दूध से पनीर दही और खोया बनाकर आपस में बांट रहे हैं, ताकि दाल सब्जी ना होने पर इसी से काम चलाया जा सके। लेकिन आटा चावल खरीदने के लिए अब हमारे पास पैसे नहीं हैं। सबसे अधिक परेशानी मवेशियों के चारे को लेकर हो रही है। ज्यादातर चारा हम लोगों के खेतों से ही खरीदते हैं। लेकिन अब हम उन खेतों में नहीं जा पा रहे। दूध ना बिकने के कारण पैसे की कमी होने से बाजार से भी मवेशियों के लिए फीड आदि नहीं खरीद पा रहे। उन्होंने कहा प्रशासन खुद हमसे दूध खरीद कर लोगों को बेच दे। ताकि लोगों में भी दूध की किल्लत ना हो और हमें भी अपने और मवेशियों के गुजारे के लिए पैसे मिल जाएं।
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