जहां हर रोज ये बच्चे लीमा के हाथ का बना खाना स्कूल में खाते हैं लेकिन इस खास दिन पर उसे खाना न बनाना पड़े, इसके लिए बच्चे अपने घरों से ही खाना लेकर आए और अपने हाथों से उसे खाना खिलाया। स्कूल के विद्यार्थी मुदस्सर चौधरी ने मई दिवस के इतिहास के बारे में यहां मौजूद सभी बच्चों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मजदूरों ने अपना बलिदान देकर आठ घंटे कार्य करने की आजादी दिलाई थी। देश के विकास में मेहनतकशों की अहम भूमिका है, इसलिए हमें इनका सम्मान करना चाहिए। वहीं ठंगर मोड़ में भवन निर्माण कामगार यूनियन की ओर से बैठक का आयोजन किया गया, जहां शिकागो के शहीदों को याद किया गया। शहीद मजदूरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद यूनियन के अध्यक्ष अजीत कुमार ने यहां उपस्थित मजदूरों से कहा कि मजदूर दिवस एक ऐतिहासिक घटना थी। इसकी जड़ पूंजीवाद की लूट थी। मजदूरों ने लूट के खिलाफ संघर्ष करके अपने काम के घंटे कम करवाने के लिए खूनी संघर्ष करके पूंजीपति लूट पर नकेल कसी थी। इस मौके पर कुलदीप राज और बोधराज आदि मौजूद रहे।