शहर के वृद्धाश्रम में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को कथा व्यास पंडित विकास शास्त्री भगवान विष्णु के वामन अवतार की कथा सुनाई, जिसमें उन्होंने राजा बलि से तीन पग भूमि मांगकर त्रिलोक को अपने चरणों में समाहित कर लिया। उन्होंने बताया कि यह प्रसंग अहंकार के विनाश और भक्ति की विजय का प्रतीक है। कथा के बीच कृष्ण जन्मोत्सव की झांकी का आयोजन किया गया, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की दिव्य झांकी जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। जैसे ही झांकी में नंद बाबा द्वारा बाल गोपाल को गोद में उठाया गया, वृद्धाश्रम में उपस्थित भक्तों की आंखें श्रद्धा से नम हो गईं। भजन और संकीर्तन के बीच वातावरण भावविभोर हो उठा। पंडित शास्त्री ने कहा कि कृष्ण जन्म केवल एक घटना नहीं, बल्कि अधर्म पर धर्म की विजय का उद्घोष है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से जीवन में सत्य, सेवा और समर्पण को अपनाने की प्रेरणा दी।