रामकोट। पंचायत उच्चापिंड के राजकीय हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी स्कूल बनाने की ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है। लोगों ने बताया कि 57 वर्ष पहले यह स्कूल खोला था, लेकिन इसे अपग्रेड नहीं किया गया। नतीजतन उच्चापिंड और इसके आसपास के इलाके अडला त्रापडा, शुआरा, बेरल, केस्पा, पंजिया के सैकड़ों बच्चों को 11वीं और 12वीं की पढ़ाई करने के लिए हायर सेकेंडरी स्कूल गुड़ा कल्याल, नगरोटा गुजरू, गढ़ या फिर दरूंग जाना पड़ता है, जो गांव से कई किलोमीटर दूर हैं। राजकीय हाई स्कूल उच्चापिंड में 131 विद्यार्थी कक्षा एक से 10वीं तक शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन 10वीं उत्तीर्ण करने के बाद परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। पंच सुरेश गुप्ता ने बताया कि कई बार इस संबंध में शिक्षा विभाग को अवगत करवाया है और स्कूल का दर्जा बढ़ाने की मांग की है, लेकिन आज तक सुनवाई नहीं हुई है। स्थानीय निवासी अनु सपोलिया, गिरधारी लाल, संदीप शर्मा जीवन लाल आदि ने सरकार से मांग की कि जल्द हाई स्कूल का दर्जा बढ़ाकर इसे हायर सेकेंडरी स्कूल बनाया जाए। संवाद