दिनभर रही किसानों की आवाजाही, पहले दिन अपेक्षाकृत कम हुई खरीद
कठुआ। जिले में धान उत्पादक किसानों की सुविधा को लेकर खोले जाने से सरकारी धान खरीद केंद्रों में किसानों की फसल को खरीदने का काम शुरू हो गया। सोमवार को पहले दिन होने वाली इस खरीद के चलते वहां आने वाले किसानों में उत्साह देखने को मिला। यहां दिनभर किसानों की आवाजाही से रौनक बनी रही।
भारतीय खाद्य निगम की ओर से जिला कृषि विभाग के सहयोग से संचालित होने वाले खरीद केंद्रों में हालांकि पहले दिन अपेक्षाकृत कम खरीद हुई है लेकिन हर साल से करीब एक सप्ताह बाद खुलने वाले खरीद केंद्रों के शुरू होने से किसानों में काफी खुशी देखने को मिली। इस दौरान जहां कुछ किसानों की फसल आते ही तौल हो गया। वहीं कई किसानों को उनकी फसल में मानक से अधिक नमी होने के कारण इंतजार करने के लिए कह दिया गया है। वहीं, हाल के दिनों में बारिश के दौरान फसल के गिर जाने से हुए नुकसान के कारण कई किसानों की फसल को गुणवत्ता जांच होने पर लेने की बात कही गई।
भारतीय खाद्य निगम के कठुआ प्रबंधक मुकेश वर्मा के अनुसार जिले में किसानों को सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बिना किसी बिचौलिए के सीधे सरकार को बेचने के लिए इस बार 12 मंडियों की व्यवस्था की गई है। इसमें भजवाल, कीड़ियां, नगरी, पल्ली मोड़, जखबड़, मढ़ीन, कुंदे चक, मुकुंदपुर और ऐरवां में खरीद की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जबकि छन्न अरोड़ियां, धन्नी बाख्ता और बिलावर के मांडली में मंडियों को भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
मंडी खुल तो गई है लेकिन यहां सामान्य किसान से भेदभाव किया जा रहा है। पहले अपनी फसल लेकर आने वाले किसान की फसल की तौल न करके प्रभावशाली किसानों के दाने की तौल पहले की जा रही है। जिसे बंद किया जाना चाहिए।
मोहन सिंह, किसान
चार साल पहले बनी मंडी का आज तक विकास नही हुआ है। अभी मंडी शुरू हुई है और किसान को कच्ची जमीन में अपने दाने लगाना पड़ा है। आने वाले दिनों में जब ज्यादा किसान यहां अपनी फसल लेकर आएंगे तो उन्हें अपने फसल का ढेर लगाने के लिए भी जगह नही मिलेगी।
- सुशील कुमार, किसान
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कोट
मंडी में खरीद को सुचारु बनाए रखने के साथ फसल लेकर आने वाले किसानों की सुविधा कर हर इंतजाम किया गया है। इसमें बिजली, पानी, बैठने की सुविधा के साथ पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था की गई है। अभी तक आने वाले धान में ज्यादातर दाने में मानक से अधिक नमी पाई जा रही है। अगर किसान अपनी फसल को सुखाकर ही मंडी लाएं तो खरीद में और तेजी आ सकती है।
- जोगिंदर कुमार, मंडी ठेकेदार