संवाद न्यूज एजेंसी
नगरी। कठुआ ब्लॉक के तहत पड़ती पंचायत कठेरा के वार्ड 2 के लोग पिछले कई वर्षों से सड़क की राह ताक रहे हैं। रास्ते खड्ड बन चुके हैं और लोग कई साल से पक्की सड़क को देखने के लिए तरस रहे हैं। कठेरा पंचायत के वार्ड की सड़क पर लोग खड्ड से गुजर रहे हैं।
आलम यह है कि बीमार मरीजों को इलाज के लिए कंधों पर उठाकर ले जाना पड़ता है। छात्रों को स्कूल जाने में भी कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सुबह शाम इसी कच्चे रास्ते से मूलभूत सुविधाओं तक पहुंचने के लिए गुजरना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कई सालों से सड़क की हालत खस्ता हो चुकी है, लेकिन किसी ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। इतना ही नहीं दो साल सड़क निर्माण की डीपीआर भेजे जाने के बाद भी किसी ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने बताया कि उनके बुजुर्गों ने भी इस सड़क समस्या को देखकर अपना जीवन व्यतीत किया। प्रशासन के रवैये से लगता है कि इस पीढ़ी को भी बिना पक्की सड़क के ही जीवन गुजारना होगा। प्रशासन व सरकार पर लापरवाही आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों ने कहा कि जब चुनाव होते हैं तो प्रतिनिधि घर तक आ जाते हैं, लेकिन उसके बाद कोई सुध लेने नहीं आता है। उन्होंने बताया कि कई बार जिला प्रशासन व संबंधित विभाग ने सड़क निर्माण को लेकर ज्ञापन सौंपे, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। इस कारण आज भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार पर गुस्सा प्रकट करते हुए ग्रामीणों ने बताया की एक तरफ सरकार जम्मू कश्मीर में सड़कों के जाल बिछाने की बात कर रही है वहीं दूसरी तरफ आज भी कई गांव सड़क सुविधा से कोसों दूर हैं और कच्चे रास्तों से चलने को मजबूर हैं।
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कई बार सड़क की समस्या को प्रशासन और संबंधित विभाग तक पहुंचाया। मगर अब तक विभाग के कानों में जूं नहीं रेंगी है। विभाग के लापरवाह रवैये के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। डीपीआर बनने के बाद भी सड़क निर्माण का कार्य अधूरा है और विभाग इस तरफ कोई कार्रवाई ही नहीं कर रहा।
मीनाक्षी राजपूत, सरपंच कठेरा पंचायत
इलाके की कुछ सड़कें नाबार्ड के माध्यम से योजना में रखी हुई हैं। शेष सड़कें जनसंख्या कम होने के कारण सूची में हैं। इन पर विचार-विमर्श जारी है। जल्द ही लोगों की समस्या का समाधान किया जाएगा।
अमित ढींगरा, सहायक इंजीनियर, लोक निर्माण विभाग