संवाद न्यूज़ एजेंसी
हीरानगर। जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे को जोड़ने वाले तरनाह पुल के पास बनाया जा रहा वैकल्पिक रास्ता बुधवार की रात को बह गया। वीरवार सुबह इलाके में तबाही का मंजर था। जितने भी इंतजाम हाईवे अथॉरिटी की ओर से किए गए थे, वह सब बह चुके थे। ऐसे में प्राधिकरण की पिछले एक महीने में वैकल्पिक मार्ग बनाने को लेकर किया गया प्रयास और मेहनत मिट्टी में मिल गया। वीरवार को इलाके के लोगों को जान जोखिम में डालकर नाला पार करने को मजबूर होना पड़ा।
बुधवार की रात तरनाह नाले में आए बाढ़ की वजह से वैकल्पिक मार्ग बह गया। इससे चरवाल और दयालचक के बीच संपर्क बहाल होने की उम्मीद लगाए लोगों को मायूसी हासिल हुई है। स्कूली बच्चे और नौकरी पेशा लोग मजबूरी में क्षतिग्रस्त वैकल्पिक मार्ग से नाले को पार करने को मजबूर हैं। नाला पर कर रहे लोगों में एक बार फिर रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि कुदरत से जानबूझकर छेड़छाड़ की जा रही है। बरसात के इस मौसम में पुलों की मरम्मत करने की जगह फिलहाल वैकल्पिक मार्ग को तैयार करने का जो बीड़ा हाईवे प्राधिकरण ने उठाया है, उससे लोगों को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। आने वाले समय में भी मौसम साफ नहीं होने पर लोगों की दिक्कतें बढ़ती ही नजर आ रही है। दियाला चौक जा रहे सोहन सिंह ने बताया कि उन्हें जरूरी काम से जाना है। ऐसे में मजबूरी बन गया है कि वह तरनाह नाले को पार करें। स्कूली छात्र वंशिका, रुद्राक्ष और वैशाली ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि वीरवार को वैकल्पिक मार्ग शुरू हो जाएगा और वह समय पर स्कूल पहुंच पाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एक महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है और उन्हें डेढ़ घंटा पहले घर से निकलने को मजबूर होना पड़ता है।