संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। कठुआ में कंजंक्टिजाइटिस यानि आई फ्लू के मरीजों में अचानक से बढ़ोतरी हो गई है। इस रोग की चपेट में आए 30 के करीब मरीज रोजाना जीएमसी कठुआ पहुंचे रहे हैं। हालात यह हैं कि पिछले एक सप्ताह में ही कठुआ व आसपास के इलाकों से 200 से अधिक आई फ्लू के मरीज मिल चुके हैं। वहीं, जीएमसी प्रबंधन की ओर से लोगों को इस रोग से बचने और इसकी चपेट में आने के बाद किन बातों का ध्यान रखना है, इसके बारे जागरूक किया जा रहा है।
जीएमसी के नेत्र रोग विशेषज्ञ और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रियंका सुदानी बताती हैं कि इन दिनों में बारिश के साथ उमस बढ़ती है। ऐसे में पसीना अधिक आता है। ऐसे में बैक्टीरिया अधिक पनपता है और गंदे हाथ बार-बार आखों को लगने से इंफेक्शन बढ़ता है और इसी से कंजंक्टिजाइटिस (आई फ्लू) की समस्या हो जाती है। बताया कि हर बार बारिश के सीजन में आई फ्लू के मामले आते हैं। लेकिन, इस बार मरीजों की संख्या पहले से कई गुणा अधिक हो चुकी है। पिछले वर्षों की बात करें तो इस सीजन में रोजाना 3 से 5 मरीज जांच के लिए आते थे। लेकिन, इस बार रोजाना 25 से 30 मरीज आ रहे हैं।
हर लाल आंख का मतलब आई फ्लू नहीं
डॉ. प्रियंका सुदानी का कहना है कि आंख लाल हुई तो इसका यह मतलब कतई नहीं है कि यह फ्लू ही है। इसके अलावा भी कई कारणों से आंख लाल हो सकती है। उनका कहना है कि इस फ्लू में लाल आंख, पलकों पर सूजन और आंखों में खुजली की समस्या हो सकती है। इसके अलावा आखों से पीले रंग का पानी निकलना, आंखों की ऊपर-नीचे की दोनों पलकों का आपस में चिपक जाना इस रोग की निशानी है। वहीं, बच्चों को इस रोग के बीच बुखार भी हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखें तो नजदीकी सेहत संस्था में जाकर नेत्र रोग विशेषज्ञ की सलाह लें और अपनी मर्जी से कोई दवा या घरेलू नुस्खा ना अपनाया जाए। वहीं, रोग की पुष्टि होने के बाद आखों को मसलना नहीं चाहिए। आखों कोआई वाइप से साफ करना चाहिए, काला गहरा चश्मा लगाना चाहिए, कांटेक्ट लेंस का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, सामूहिक स्नान या भीड़ भरी जगह नहीं जाना चाहिए।
आई फ्लू से बचने के उपाय
जीएमसी अस्पताल के प्रधानाचार्य डॉ. सुरिंदर अत्री का कहना है कि आई फ्लू के मरीज बढ़ रहे हैं। ऐसे में स्वस्थ लोगों को इससे बचाव के नुस्खे अपनाने चाहिए। डॉ. अत्री ने बताया कि हर व्यक्ति को समय-समस पर अपने हाथ साबुन और सेनिटाइजर से धोते रहना चाहिए। इसके अलावा, आंखों को साफ पानी से धोना चाहिए, संक्रमित व्यक्ति का तौलिया, रूमाल या बेडशीट इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अपने आसपास सफाई रखें, भीड़ भरे इलाकों से दूरी बनानी चाहिए और स्वीमिंग पूल या धामिक आयोजन के दौरान सामूहिक स्नान से बचना चाहिए।