कठुआ। स्कूल शिक्षा विभाग का शैक्षणिक सत्र लगभग समाप्ति की ओर है लेकिन शिक्षकों की युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) को उठे सवाल थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
चालू सत्र के दौरान शिक्षक युक्तिकरण प्रक्रिया लगातार विवादों में रही है। जिले के सरकारी स्कूलों में कहीं बच्चों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक की तैनाती नहीं हुई है तो कहीं बच्चे कम और शिक्षक की संख्या ज्यादा है। उदाहरण के तौर पर मढ़ीन शिक्षा जोन का मिडिल स्कूल नगियाल में वर्तमान 66 बच्चों को पढ़ाने के लिए सिर्फ पांच अध्यापकों को नियुक्ति की गई है, लेकिन मिडिल स्कूल पथवाल जो कि शिक्षा जोन सल्लन में आता है। वहां 20 बच्चों को पढ़ाने के लिए सात शिक्षकों को तैनात किया गया है। एक शिक्षक ने बताया कि इस असमानता के चलते न केवल शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है बल्कि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शिक्षा विभाग न तो मिडिल स्कूल के मुताबिक शिक्षकों की तैनाती कर रहा है और न ही छात्र- शिक्षक के अनुपात के ध्यान पर तैनाती कर रहा है। हाईवे से सटे ज्यादातर सरकारी स्कूलों में बच्चे की संख्या न मात्रा है, लेकिन वहा शिक्षकों की तैनाती स्कूल के दर्जे के अनुसार तैनाती की गई। जबकि दूरदराज और बार्डर स्कूल में शिक्षकों को छात्र-शिक्षक के अनुपात के अनुसार भी नहीं लगाया गया है।