कठुआ। जिले में अब सरकारी कार्यालयों, स्कूल-कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में बायोमिट्रिक हाजिरी लगाने पर ही वेतन जारी किया जाएगा। इसके लिए सभी एडीसी और एसडीएम को 100 फीसदी हाजिरी जांचने का जिम्मा सौंपा गया है। डीसी राहुल पांडेय ने सभी जिला और सेक्टर अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं।
यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उनके अधीनस्थ सभी कर्मचारी बायोमिट्रिक हाजिरी प्रतिदिन लगाएं। सभी आहरण एवं वितरण अधिकारियों (डीडीओ) को निर्देश मिले हैं कि जिन कर्मचारियों की प्रतिदिन बायोमिट्रिक हाजिरी नहीं हो रही है, उनका वेतन जारी नहीं किया जाएगा।
सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति को सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया है। कोरोना महामारी के चलते पूर्व में यह व्यवस्था स्थगित कर दी गई थी। लेकिन अब एक बार फिर सरकार ने आदेश जारी कर बायोमिट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी है। डीसी ने एडीसी और संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र में सौ फीसदी बायोमिट्रिक हाजिरी जांचने के निर्देश दिए हैं। जिला सूचना विज्ञान अधिकारियों को कहा गया गए है कि वे सभी सरकारी कार्यालयों की दैनिक रिपोर्ट जमा करवाएं।
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पचास फीसदी हायर सेकेंडरी
व हाई स्कूलों में व्यवस्था नहीं
- एक हफ्ते में बायोमिट्रिक मशीन लगानी होगी
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जिले के 50 फीसदी सरकारी हायर सेकेंडरी और हाई स्कूलों में बायोमिट्रिक मशीन पर हाजिरी लगाने की व्यवस्था ही नहीं है। खास तौर पर दूरदराज इलाकों में नेटवर्क का हवाला देकर बायोमिट्रिक हाजिरी में सेंध लगाई जाती रही है। खास तौर पर दूरदराज के स्कूलों में शिक्षकों की गैर हाजिरी और कई दिनों तक अनुपस्थिति रहने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग ने भी निर्देश का पालन शुरू कर दिया है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सभी प्रधानाचार्यों, जोनल शिक्षा अधिकारियों और हेड मास्टरों को निर्देश दिए हैं कि बायोमिट्रिक हाजिरी को अपने और अपने अधीनस्थ कार्यालयों व संस्थानों में सुनिश्चित किया जाए। यह व्यवस्था अगले एक सप्ताह में सभी संस्थानों में सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।