हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों का समर्थन करने पहुंचे भाजपा नेता चौ. सुल्तान खान। संवाद
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कठुआ। नियमित किए जाने के साथ-साथ अपनी अन्य लंबित मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों की वजह से कूड़े का उठान पूरी तरह से बंद है। इस वजह अब शहर की सड़कों और गलियों में कूड़े के ढेर नजर आने लगे हैं। कूड़ों से उठने वाली दुर्गंध अब लोगों के लिए मुसीबत बन रही है। वहीं बुधवार को हड़ताली सफाई कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय में धरना प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। इस दौरान सफाई कर्मचारियों का समर्थन करने पहुंचे भाजपा नेता सुल्तान खान ने मांग को जायज करार देते हुए सरकार से सफाई कर्मचारियों को उनका हक दिए जाने की मांग की।
इस मौके पर अर्बन लोकल बॉडी के चेयरमैन दानिश चीदा ने सुल्तान खान द्वारा समर्थन किए जाने पर आभार जताते हुए कहा कि करीब एक दशक से सरकारों द्वारा लगातार छले जा रहे सफाई कर्मचारियों ने आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए हड़ताल की है। इसमें जम्मू-कश्मीर की 76 म्यूनिसिपल कमेटी के हजारों सफाई कर्मचारी शामिल है। जो अब तभी अपनी इस हड़ताल को वापस लेंगे जब सरकार उनकी मांग को पूरा करेगी।
भाजपा एसटी मोर्चा के उपप्रधान चौ. सुल्तान खान ने सफाई कर्मचारियों की मांग को जायज करार देते हुए उपराज्यपाल और केंद्रीय राज्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि सरकार के स्वच्छ भारत अभियान कार्यक्रम को आगे बढ़ाने वाले इन सफाई कर्मचारियों को उनका हक दिया जाना है। उन्होंने कहा कि आर्थिक समस्या से जूझ रहे इन सफाई कर्मचारियों के घरों में खाने के लिए राशन तक नहीं है। ऐसे में उनकी हड़ताल किसी भी तरह से अनुचित नहीं है। वर्ष 2019 के बाद से जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश बन चुका है, ऐसे में सरकार को इनकी सुध लेनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार और संबंधित विभाग के अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार ने अगर जल्द सफाई कर्मचारियों की मांग को पूरा नही किया तो वह खुद सफाई कर्मचारियों को उनका हक दिलाने के लिए जम्मू में विभाग आयुक्त सचिव कार्यालय में उनकी आवाज उठाएंगे। वहीं, सफाई कर्मचारियों की लगातार चल रही हड़ताल के कारण पूरे शहर में जगह-जगह कचरे का ढेर बढ़ता ही जा रहा है। सफाई कर्मचारियों की इस हड़ताल के चलते शहर की संकरी गलियों का दशा सबसे ज्यादा खराब हो रही है। जहां लगने वाला कचरे का ढेर गली के आधे से ज्यादा हिस्से तक फैल गया है। इससे लोगों को वहां से आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय दीपक शर्मा ने बताया कि अगर इसी तरह कचरा बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में गलियों में लोगों के पैदल चलने के लिए भी स्थान नहीं बचेगा।