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Kathua News: शास्त्रीय संगीत की स्वर लहरियों से मंत्रमुग्ध हुए दर्शक

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कठुआ। भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रचार-प्रसार के तहत जिले में अलग-अलग होने वाले भारतीय शास्त्रीय संगीत पर कार्यशालाओं के क्रम में राजकीय डिग्री कॉलेज में भी कार्यशाला का आयोजन किया गया। स्पिक मैके द्वारा कराए जा रहे इस कार्यक्रम के दौरान किराना घराना, नई दिल्ली के संस्थापक प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक उस्ताद अमजद अली खान ने अपने मधुर स्वर की जब तान छेड़ी तो सभागार में उपस्थित दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
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कार्यक्रम के शुभारंभ पर प्रधानाचार्य प्रो. सुमनेश जसरोटिया ने भारत के युवाओं को अपने सपनों का भारत बनाने और भारतीय शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देने के लिए किए जाने वाले प्रयास की सराहना की। वहीं, उस्ताद अमजद अली खान ने छात्रों को समाज में भारतीय शास्त्रीय संगीत के महत्व और एक व्यक्ति के जीवन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने हमारी सांस्कृतिक विरासत और सभ्यता का सम्मान करने के लिए समय की आवश्यकता के बारे में भी जागरूक किया। उन्होंने छात्रों के साथ ध्रुपद, खयाल और ठुमरी संगीत के बारे में भी चर्चा की।
इस मौके पर डॉ. सीमा मलपोत्रा ने बताया कि इस कार्यशाला का आयोजन स्पिक मैके द्वारा किया गया, जो दुनिया भर में भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रचार और महत्व के लिए काम करता है। 45 साल पुराना संगठन जो पूरी दुनिया में भारतीय शास्त्रीय संगीत के विस्तार और प्रचार के लिए लंबे समय से काम कर रहा है। इस संगठन की स्थापना पदमश्री डॉ. किरण सेठ, प्रोफेसर एमेरिटस ने की है। जो कि हाल ही में, वह 73 वर्ष की आयु में कश्मीर से कन्याकुमारी तक साइकिल चलाने के 145 दिनों के मिशन पर थे। कार्यक्रम के दौरान पद्मश्री डॉ. किरण सेठ, डॉ. सपना कमल सांगरा, प्रो. जसविंदर सिंह, प्रो. मनमोहन सिंह, डॉ. जे एस सूदन, विक्रम सिंह जामवाल, अरुण कुमार, डॉ. मुकेश कुमार भी मौजूद रहे।
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