रामकोट। तहसील की पंचायत मकवाल और आसपास के इलाकों में पशु चिकित्सा केंद्र न होने से पशु पालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत के मल्ली, ओशल, बौन्चली, चिन्जी, अली, धन्नी, गुलगारा, पल्लंग, चिरकाबन आदि इलाकों से पशु पालकों को पशुओं की जांच करवाने के लिए पशु चिकित्सालय केंद्र रामकोट तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है।
पशुओं को लाने और वापस ले जाने का खर्चा अलग से उठाना पड़ रहा है। इसके साथ रामकोट में सड़क किनारे केंद्र होने की वजह से ग्रामीण पशुओं को सड़क के रास्ते से ले जाते समय वाहनों की चपेट में आने का भी खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने मकवाल में पशु चिकित्सा केंद्र खोलने की मांग की है। ग्रामीण केके शर्मा, सुरजीत सिंह और देवान चंद ने बताया कि क्षेत्र के अधिकतर लोग खेतीबाड़ी और पशुपालन पर निर्भर हैं। पशुधन के बीमार होने की स्थिति में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पिछले दिनों लंपी वायरस से ग्रस्त कई पशुओं ने समय पर उपचार न मिलने से दम तोड़ दिया। लोगों ने क्षेत्र में जल्द पशु चिकित्सालय खोलने की मांग की है।