कठुआ। ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ पर राजकीय डिग्री कॉलेज में वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें कॉलेज के 10 प्रतिभागियों ने भाग लेकर इस विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि पूरी दुनिया मादक पदार्थों की लत के खतरे का सामना कर रही है। इसका समाज के एक बड़े वर्ग पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा है। खासकर नशे की लत युवाओं के जीवन को अंधकारमय बना रही है। वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह नशीली दवाओं के दुरुपयोग के बारे में लोगों को जागरूक करें। उन्हें नशे की लत से बचाएं।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित प्रधानाचार्य प्रो. सुमनेश जसरोटिया ने वाद-विवाद प्रतियोगिता के विजेताओं, उपविजेताओं, प्रतिभागियों को बधाई दी। प्रधानाचार्य ने कहा कि आज विश्व की बहुसंख्यक आबादी को मादक पदार्थों की लत ने जकड़ रखा है। जो कि हमारे समाज को पतन की ओर ले जा रहा है। लिहाजा समाज के हर वर्ग को नशीली दवाओं से होने वाले खतरे के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए आगे आना होगा। इसमें हमें प्रभावितों की पहचान कर उन्हें अस्पतालों और पुनर्वास केंद्रों में परामर्श और उपचार केंद्रों तक पहुंचाना होगा। वादविवाद प्रतियोगिता में गणित विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. कैलाश शर्मा और भौतिकी विभाग की डॉ. अमिता दुआ निर्णायक की भूमिका अदा करते हुए नेहा कुमारी को पहला, रीतिका जसरोटिया को दूसरा और भगवी गुप्ता को तीसरा स्थान प्रदान किया। प्रतिभागियों को भागीदारी का प्रमाण पत्र दिया गया। कार्यक्रम में प्रो. जसविंदर सिंह, प्रो. शुभ कुमार, प्रो. अमरीक सिंह, डॉ. सुरेश कुमार, प्रो. मनमोहन सिंह, डॉ. सीमा मालपोत्रा, प्रो. शिवानी कोतवाल, डॉ. चेतना गुप्ता, डॉ. ईवा शर्मा और डॉ. निताशा बलोरिया शामिल रहे।