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परोपकार से बड़ा कोई धर्म नहीं, कष्ट देने से बड़ा कोई पाप नहीं

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बसोहली मे शिव महापुराण कथा का श्रवण करने पहुंची संगत। संवाद - फोटो : KATHUA
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बसोहली। रामलीला मैदान में चल रही शिवमहापुराण कथा का बुधवार को समापन भंडारे के साथ समापन हो गया। इस दौरान संगत को प्रवचन देते हुए कथावाचक सुभाष शास्त्री ने कहा कि इस संसार में बस मनुष्य दो बातों का ध्यान रखे, परोपकार से बड़ा कोई धर्म नहीं है एवं दूसरे को कष्ट देने से बड़ा कोई पाप नहीं है।
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उन्होंने आगे कहा कि शिव पुराण का पाठ करने से मनुष्य को सब पापों से मुक्ति मिल जाती है। जो व्यक्ति शिव पुराण का नियमित रूप से पाठ करता है, अथवा सुनता है, उसके ऊपर सदैव ही महादेव की कृपा बनी रहती है। शास्त्री जी ने आगे समझाया कि अवस्था जवानी की हो या बुढ़ापे की भगवान से हमेशा मांगिए नित्य जीवन, दिव्य जीवन, शांत जीवन, आनंदमय जीवन। इसे समझ लें, अपना लें तभी मनुष्य का कल्याण होगा। कथा के विश्राम पर बसोहली नगर के अलावा आस पड़ोस क्षेत्र के अनेक श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। जिन्होंने कथा का श्रवण कर कथा के समापन के बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
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