बसोहली में कथा का श्रवण करने के लिए उमड़े भक्त। संवाद
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बसोहली। बसोहली के रामलीला मैदान में आयोजित शिव महापुराण कथा के छठे दिन संत सुभाष शास्त्री ने प्रवचन किया। उन्होंने कहा कि यदि शांति प्राप्त करने के मार्ग पर आपको चलना है तो अपनी संगति पर ध्यान देना होगा। क्योंकि विद्वानों की संगति से मूर्ख भी विद्वान बन जाता हैं, इसलिए सदा सुसंग करें।
शास्त्री ने आगे समझाया कि जैसे एक कुम्हार मिट्टी के पिंड को जिस आकार में चाहे वह परिवर्तित कर देता है। ठीक उसी प्रकार संतजनों में यह शक्ति रहती है कि जिस साधक में पात्रता रहती है उसे अपने जैसा बनने में सहयोग ज्ञान देते हैं। इसलिए शास्त्र कहते हैं कि संतों का ग्रंथों का महापुरुषों का संग करें। जीवन में शांत रहने और शांति प्राप्त करने के लिए मन, वाणी और शरीर से किसी भी प्रकार से किसी को कष्ट न दें। यथार्थ और प्रिय भाषण करें। अपने प्रति उपकार करने वाले पर कभी क्रोध न करें, अहंकार न करें। अंत:करण की चंचलता, क्रूरता आदि को मन में न आने दें, तो परिणाम आपको शांति प्रदान करेगा। इस प्रकार से आपको शांति की प्राप्ति हो जाएगी।