फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक्सप्रेस-वे के निर्माण में स्थानीय को दिया जाए रोजगार

विज्ञापन
एक्सप्रेस-वे निर्माण में रोजगार न मिलने पर धरना प्रदर्शन करते भवन निर्माण कामगार यूनियन के सदस्? - फोटो : KATHUA
विज्ञापन
कठुआ। जिले में जारी एक्सप्रेस-वे निर्माण में स्थानीय लोगों को रोजगार दिए जाने की मांग कर रहे भवन निर्माण कामगार यूनियन ने मांग न पूरी होने के बाद धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बुधवार को यूनियन के बैनर तले जमा हुए सैकड़ों लोगों ने निर्माण एजेंसी मेगा इंफ्रा लिमिटेड के बरनोटी स्थित कार्यालय के समक्ष धरना लगाकर अपने गुस्से का इजहार किया। चेतावनी की जब तक उनकी मांग पर गौर नहीं किया जाता उनका धरना जारी रहेगा।
विज्ञापन

प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने पहुंचे इंटरनेशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष आईडी खजूरिया ने कहा कि धरना सरकार की गरीब विरोधी नीति को आम लोगों तक पहुंचाने का उपक्रम है। सरकार का दावा है कि क्षेत्र के विकास के लिए पिछले तीन सालों से काफी काम करवाया जा रहा है, लेकिन सवाल यह है कि विकास के ये प्रोजेक्ट किसके नाम पर आता है, कौन इसका ठेका लेता है और फिर किससे काम करवाया जाता है। जम्मू-कश्मीर के लोगों पर हमेशा से एक ही इल्जाम लगाया जाता है कि यहां के लोग काम ही नहीं करना चाहते है। यहीं हाल सरकारी क्षेत्र में है जहां डेलीवेजरों को भी निकाला जाना शुरू हो गया। अगर जम्मू-कश्मीर में एक्सप्रेस-वे बनना है तो जब तक यहां के लोगों को इसमें रोजगार ही नहीं मिलेगा तो इस निर्माण का यहां के लोगों को क्या फायदा है। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ अगर लोग बोलते है तो उसे देश के विकास में बाधक बताते हुए उन्हें डराया और धमकाया जा रहा है। सरकारी क्षेत्र में पहले ही रोजगार की संभावना काफी क्षीण हो चुकी है अब निजी क्षेत्र में होने वाले विकास के कार्य में भी लोगों को रोजगार नहीं मिलेगा, तो लोगों का कैसे विकास होगा। सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। वहीं भवन निर्माण कामगार यूनियन के महासचिव राजकुमार शर्मा ने कहा कि विकास के इस कार्य में मिलने वाले रोजगार का लाभ स्थानीय लोगों को देने की वह पिछले दो महीने से संघर्ष कर रहे है। गत माह डीसी की मध्यस्थता में हुई बैठक के बाद निर्माण एजेंसी और हाईवे अथारिटी ने आश्वासन भी दिया कि अब रोजगार के लिए स्थानीय लोगों को मौका दिया जाएगा। इसके बाद यूनियन ने काम करने के इच्छुुक लोगों की सूची भी अथारिटी को सौंपी है। इसके बाद भी किसी को रोजगार नहीं मिला। मजबूर होकर उन्हें धरना प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ा है। धरने के दौरान कुलदीप सिंह, सुरेश कुमार, विवेक कुमार, सुरेंद्र सिंह, दीलीप सिंह, रोमी कुमार, दिलबाग सिंह, मुकेश सिंह, अशोक कुमार आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें