बसोहली के रामलीला मैदान में शिव महापुराण कथा सुनने उमड़े श्रद्धालु। संवाद
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बसोहली। रामलीला मैदान में दूसरे दिन महाशिवपुराण कथा को सुनने के लिए भारी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान संत सुभाष शास्त्री ने संगत पर प्रवचनों की वर्षा करते हुए कहा कि मनुष्य में यदि विवेक वैराग्य की निवृत्ति नहीं तो समझो सुख शांति व कल्याण की प्राप्ति भी नहीं। महापुरुषों का कथन है कि बिना सत्संग विवेक न होई। मोक्ष प्राप्ति का सबसे सहज साधन सत्संग है। तपस्या, त्याग आदि से भी भगवान उतने प्रसन्न नहीं होते, जितने सत्संग से होते हैं। सत्संग द्वारा ईश्वर को प्राप्त करना सबसे सरल उपाय है।
मनुष्य सदैव सत्संग की अमृतधारा में डुबकी लगाता रहे तो अपने जीवन को सफल बना सकता है। जीवन में सुख-शांति, समृद्धि सत्संग से संभव है। जीवन के तमाम अनुत्तरित प्रश्नों के उत्तर हमें सत्संग से मिल जाते हैं। अत: मानव जीवन का महत्वपूर्ण अंग है सत्संग, जो हमारे विचारों को शुद्ध करने में सक्षम रहता है। सत्संग से बेहतर प्रभु को प्राप्त करने का और कोई तरीका नहीं है। जो मनुष्य सत्य का संग करता है उसकी अधिकतम शंकाएं अपने आप ही समाप्त हो जाती हैं।