रामकोट। रामकोट में जोनल शिक्षा कार्यालय नहीं होने की वजह से विभिन्न निजी और सरकारी स्कूलों के स्टाफ सदस्यों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बता दें कि रामकोट में सरकार द्वारा वर्ष 2014 में तहसील बनाई गई थी लेकिन 11 वर्ष बीत जाने के बाद भी कई सरकारी मुख्यालय तहसील में अभी तक नहीं खुल पाए हैं। इसके कारण लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। इनमें से एक है ज़ोनल शिक्षा कार्यालय जो मौजूदा समय में उप जिला बिलावर के भड्डू इलाके में स्थित है जो रामकोट से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर है। इस कारण स्थानीय स्कूलों से विभिन्न छोटे-मोटे कामकाज के लिए भड्डू का रुख करना पड़ता है। निजी शिक्षकों बूटी सिंह, दर्शन सिंह, राहुल कुमार, मोनिका शर्मा, किरण आदि ने बताया कि तहसील के विभिन्न निजी और सरकारी स्कूलों को परिणाम बनाने के समय भी रामकोट से 35 किलोमीटर दूर स्थित भड्डू में जोनल शिक्षा कार्यालय में जाना पड़ता है जिस कारण समय और पैसे की बर्बादी के साथ परेशानियां भी झेलनी पड़ती हैं। तहसील के कई सरकारी स्कूलों में एक या दो शिक्षक इस समय तैनात हैं। यदि स्कूल के जरूरी कामकाज के लिए जोनल शिक्षा केंद्र जाना पड़े तो स्कूल से छुट्टी करनी पड़ती है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है।