अक्षय तृतीया के उपलक्ष पर किशनपुर गांव में भगवान परशुराम की पूजा करते लोग। स्रोत संवाद।
बिलावर। उपमंडल मुख्यालय से सटे किशनपुर गांव में अक्षय तृतीया पर भगवान परशुराम की पूजा की गई। इस मौके पर मौजूद गिरधारी लाल, साहिल खजूरिया, राकेश, इंद्रजीत, देवेंद्र, सुमित और अजीत ने भगवान परशुराम की मूर्ति को विधिवत तरीके से स्नान करवाया। इसके बाद भगवान परशुराम की आराधना की गई। किशनपुर गांव के नाग देवता मंदिर में अक्षय तृतीया के उपलक्ष्य पर वार्षिक भंडारे का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम लोगों ने नाग देवता को विधिवत तरीके से स्नान करवा कर श्वेत वस्त्र पहनाए । इस मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने भजन संकीर्तन का आयोजन किया गया। दोपहर 1:00 बजे नाग देव मंदिर में भोग लगाया गया। इसके बाद भंडारा आम जन के लिए खोल दिया गया जो देर शाम तक जारी रहा। देवल गांव में रामलीला क्लब के सदस्यों ने भगवान परशुराम की झांकी निकालकर जयघोष किया। पंडित राधा कृष्ण शास्त्री ने बताया कि वैशाख शुक्ल पक्ष की अक्षय तृतीया तिथि के सम्मान अक्षय फल देने वाली और कोई तिथि नहीं है। उन्होंने बताया कि अक्षय तृतीया तिथि के साथ बहुत से रहस्य जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि अक्षय तृतीया के दिन ही माता गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था और इसी दिन महाभारत युद्ध का अंत भी हुआ था।