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Kathua News: कठुआ, उधमपुर में घेरा कसता देख डोडा की ओर निकल रहे आतंकी

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कठुआ। बनी सब डिवीजन के नुकनाली इलाके में रविवार दोपहर आतंकियों की ओर से एसओजी के जवानों पर की गई फायरिंग के बाद से तलाशी अभियान जारी है। संभावना है कि कठुआ और उधमपुर की ओर से घेरा कसता देख आतंकी अपनी लोकेशन बदलकर डोडा की ओर निकल रहे हैं। इसे देखते हुए सुरक्षाबलों ने इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन दूसरे दिन भी जारी रखा। हालांकि देर शाम तक इसमें कोई भी कामयाबी हाथ नहीं लगी है।
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तलाशी अभियान में आधुनिक तकनीक के साथ-साथ ह्यूमन इंटेलीजेंस की भी मदद ली जा रही है। आबादी से दूर इस इलाके में आतंकियों की मौजूदगी को भांपते हुए सुरक्षाबल पिछले तीन महीने से इन इलाकों को खंगाल रहे हैं।
रविवार को नुकनाली और लोआंग के बीच तलाशी अभियान चला रही एसओजी की टीम पर दोपहर साढ़े 12 बजे के लगभग आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी थी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। इलाके में घनी धुंध का फायदा उठाकर आतंकी मौके से भाग निकले। सुरक्षा कारणों से ही इस बार इस इलाके में चलने वाली प्रसिद्ध नुकनाली यात्रा को भी स्थगित कर दिया गया है। नुकनाली और इससे सटा यह इलाका डोडा जिले से जाकर मिलता है। ऐसी संभावना है कि आतंकी डोडा की ओर निकलने का प्रयास कर रहे हैं। सुरक्षाबलों ने इस इलाके को चारों ओर से घेर रखा है।
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1992 के बाद बनी में पहली बार चली गोलियां

कठुआ। 23 मई 1992 को कश्मीर घाटी में चरम पर पहुंच चुके आतंकवाद का असर बनी सब डिवीजन में भी दिखने मिला था। इस इलाके को घाटी जाने वाले आतंकियों के ट्रांजिट रूट के रूप में देखा जाता था। अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ के बाद आतंकी इसी रूट का इस्तेमाल करते थे, जिसे आज वे अपनी पनाहगाह बनाए बैठे हैं। घने जंगल और दूर दराज का इलाका होने के चलते इसमें छिपने में भी आतंकियों को मदद मिलती रही है। सुरक्षाबलों को 1992 में पहली कामयाबी तब मिली, जब फिशरीज विभाग की इमारत में पुलिस चेक पोस्ट पर आतंकी गोलीबारी में एक हिजबुल आतंकी को पुलिस ने ढेर कर दिया था। इसके बाद 1995 में एक और मुठभेड़ इलाके में हुई, जब डुग्गन के चरोड़ी मोहड़े में एक और आतंकी को ढेर किया गया।
वर्ष 2001 के दौरान चलोग में एक विदेशी और एक स्थानीय आतंकवादी को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था। 2002 के दौरान लोआंग के पगारा, गौ गला और बरमौता के दलौन में एक-एक आतंकी को ढेर किया गया। 2003 में एसटीएफ की रौल्का मिडिल स्कूल में पोस्ट पर आतंकियों ने रॉकेट लांचर से हमला किया। इसी साल बरमोता के द्रब्बल इलाके में एक स्थानीय और दो विदेशी आतंकियों को ढेर कर दिया गया। 2004 के जुलाई महीने में धमान के दोबाटी और ढग्गर के द्रब्बड़ी इलाके में एक एक और आतंकी को ढेर कर सुरक्षाबलों ने बनी से आतंक का सफाया कर दिया था। आतंकवाद को इलाके में कुचलने के बाद फिर सिर नहीं उठाने दिया। इससे क्षेत्र में पर्यटन और विकास को भी बढ़ावा मिला।
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