मढून से लोहाई मल्हार के सुरग गांव में बरात के लिए जा रहे तीन लापता लोगों के शव तीसरे दिन इच्छू के नजदीक झरने से बरामद हुए हैं। जंगल के इलाके में दो दिन से सुरक्षाबल और स्थानीय लोग इनकी तलाश कर रहे थे। एक महीने में ही दूसरी बार लापता होने के बाद नागरिकों की हत्या का यह दूसरा मामला है। जिसे लोग टारगेट किलिंग का मामला मान रहे हैं। इसके पीछे आतंकियों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है।
दरअसल, पांच मार्च को आतंकवाद प्रभावित लोहाई मल्हार के मढून से 35 लोग एक बरात में पैदल निकले। मलाड के पास बरात में शामिल ध्यौता निवासी 35 वर्षीय दर्शन सिंह, मढून निवासी 28 वर्षीय योगेश सिंह, और ध्यौता निवासी 14 वर्षीय वरुण ठाकुर बरात से बिछड़ गए। शेष बाराती रात 11 बजे तक सुरग पहुंच गए लेकिन यह तीनों नहीं पहुंचे। छह मार्च सुबह भी इनके सुरग नहीं पहुंचने और मोबाइल बंद आने के बाद बरात के साथ आए लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज की।
शुक्रवार को एजेंसियां हरकत में आईं चूंकि इसी तरह से दो लोगों की गुमशुदगी और फिर हत्या का मामला बिलावर के बाथरी में 15 फरवरी को भी सामने आया था। जिसके फिलहाल अभी जांच जारी है। ऐसे में आतंकियों द्वारा तीनों को अगवा किए जाने की आशंका को देखते हुए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इसमें खोजी कुत्तों और ड्रोन की भी मदद ली गई। आखिरकार वही हुआ जिसका अंदेशा था। तीनों की शव लापता होने की जगह से लगभग साढ़े तीन से चार किलोमीटर दूर इच्छू के पास एक झरने में बरामद हुए।
शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए बिलावर लाने की प्रक्रिया शुरू की गई। उधर, तीन नागरिकों की हत्या को लेकर लोगों में भारी रोष है। बिलावर के फिंतर चौक पर हिंदू संगठनों ने घंटों धार रोड को जाम कर प्रदर्शन भी किया। लोगों ने इसे क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने की वारदात बताया और पुलिस के खिलाफ भी जमकर भड़ास निकाली।