कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ में किसानों को जागरूक करते हुए संवाद
कठुआ। कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ ने बुधवार को “तेलहन फसलों में उन्नत उत्पादन एवं प्रबंधन तकनीक” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम आईसीएआर-एटीएआरआई, लुधियाना द्वारा आवंटित क्लस्टर फ्रंटलाइन डेमोंस्ट्रेशन के तहत आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य जिले में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और तेलहन उत्पादकता में सुधार करना था।
प्रशिक्षण में कठुआ जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 50 से अधिक किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने वैज्ञानिकों से संवाद कर अपने क्षेत्रीय अनुभव साझा किए और जिले के अन्य हिस्सों में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। यह प्रशिक्षण शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय जम्मू के प्रशासनिक नियंत्रण में कुलपति डॉ. बी.एन. त्रिपाठी के नेतृत्व और निदेशक विस्तार डॉ. अमरीश वैद के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन केवीके कठुआ के प्रमुख वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. विशाल महाजन ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए तेलहन फसलों की पोषण सुरक्षा में भूमिका और आयात पर निर्भरता कम करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने और सरकारी योजनाओं के बेहतर उपयोग की अपील की।
मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. बृजेश अजरावत, प्रमुख वैज्ञानिक (कृषि विस्तार) ने खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत विश्व के प्रमुख उपभोक्ताओं में शामिल होने के बावजूद बड़ी मात्रा में खाद्य तेलों का आयात करता है, जिससे राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर बोझ पड़ता है।