जीएमसी में एमबीबीएस का छठा बैच शुरू, इंडक्शन मीट में छात्रों को एप्रन और स्टेथोस्कोप दिए
जीएमसी का छठा बैच आज से शुरू, इंडक्शन मीट का आयोजन, सौ प्रशिक्षु डॉक्टरों ने मेडिकल शिक्षा का शुरू किया सफर
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) कठुआ में चरक शपथ के साथ एमबीबीएस के नए बैच आरंभ हो गया है। सोमवार को परिसर के सभागार में आयोजित इंक्डक्शन सेरेमनी में जम्मू-कश्मीर के 85 व देश के अन्य राज्यों से आए 15 विद्यार्थियों ने अपने चिकित्सकीय शिक्षण की शुरूआत कर दी है। प्रदेश के बाहर से हिमाचल, राजस्थान और पंजाब समेत लद्दाख के 15 प्रशिक्षु भी शामिल हैं।
पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू होने वाले इस कार्यक्रम के दौरान डॉ. मुबीन रशीद, एसोसिएट प्रोफेसर और हेड (एनाटॉमी) ने मेडिकल कॉलेज के छठे बैच के नए छात्रों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए संस्थान के मूल्यों, अपेक्षाओं और वातावरण के बारे में जानकारी दी। वहीं, प्रधानाचार्य डॉ. सुरिंदर कुमार अत्री ने कॉलेज के नए सदस्यों के लिए अपना दृष्टिकोण साझा किया जिसमें संस्थान के लक्ष्य, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा पर जोर और चिकित्सा क्षेत्र में नैतिकता और व्यावसायिकता का महत्व शामिल रहा।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में नए छात्रों को एप्रन और स्टेथोस्कोप दिए गए, जो चिकित्सा पेशे में उनके प्रवेश का प्रतीक है। वहीं, उन्होंने मानव जाति की सेवा करने और बिना किसी भेदभाव के स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की शपथ ली जिसमें उन्होंने चिकित्सा, नैतिकता और रोगी देखभाल के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता जाहिर की। इस मौके पर अपने नए सफर का आगाज करने वाले विद्यार्थियों में जहां उत्साह दिखा। वहीं कार्यक्रम का हिस्सा रहे उनके अभिभावक भी काफी खुश नजर आए।
सपना पूरा करने का मौका आ गया
डॉक्टर बनना जीवन का सपना था जिसे पूरा करने का मौका आ गया है। अब संस्थान से मिलने वाले चिकित्सकीय ज्ञान का प्रयोग कर मानवता की सेवा करने का मौका मिलेगा। जिसको लेकर काफी उत्साहित हूं।
हेमंत, राजस्थान
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बेहतर डॉक्टर बनना मुख्य लक्ष्य
लेह के ग्रामीण इलाके से आने के कारण कॉलेज के सफर को लेकर काफी शंकाएं थी लेकिन यहां मिले माहौल से अब सभी शंकाएं दूर हो गई हैं। अब एक बेहतर डॉक्टर बनना मुख्य लक्ष्य है।
सोनम चोस्पल, लेह
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कॉलेज का सफर शुरू होने से उत्साहित हूं
नीट परीक्षा परिणाम आने के बाद से ही कॉलेज के सफर के शुरू होने का इंतजार था। लिहाजा अब उत्साहित हूं। क्योंकि अब नई भूमिका में लोगों ने की कीमती जान बचाने का मौका मिलेगा।
सानवी शर्मा, जम्मू
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कठुआ में रहकर ही डॉक्टर बनने का सपना हो रहा पूरा
एक डॉक्टर बनने का अब तक सफर काफी अच्छा रहा है। क्योंकि कठुआ जिले में ही रहकर उनका डॉक्टर बनने का सपना पूरा हो रहा है। जिसको लेकर उत्साहित होना स्वाभाविक है।
रिया शर्मा, कठुआ।
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आज के दिन के लिए ही कड़ी मेहनत की थी
आज के दिन के लिए काफी समय से कड़ी मेहनत की थी। इस सफर का सबसे सुखद पहलू यह रहा है कि कठुआ जिले में उन्हें एक उच्च स्तरीय संस्थान के माध्यम से अपने सपने को पूरा करने का मौका मिला है।
शिवम, कठुआ।
संस्थान का माहौल काफी सहयोगी रहा है
आज मेडिकल छात्र के रूप में अपना सफर शुरू करना काफी अच्छा लग रहा है। खासकर संस्थान का माहौल काफी सहयोगी रहा है। ऐसे में मेडिकल शिक्षा का यह सफर बेहतरीन रहने की उम्मीद है।
अनिल इश्रान, राजस्थान