कठुआ, हीरानागर। हीरानगर के सैडा सोहल में आतंकी हमले के बाद फरार हुए आतंकियों की तलाश में पूरे इलाके की घेराबंदी कर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। रात दस बजे तक अतिरिक्त पुलिस, सीआरपीफ, सेना और एसओजी को जम्मू संभाग के अलग अलग इलाकों से सैडा सोहल में तैनात कर दिया गया था। देर रात एडीजीपी आनंद जैन और डीआईजी सुनील गुप्ता भी मौके पर पहुंचे। सैडा सोहल का इलाका जंगल और नालों से सटा हुआ है। ऐसे में सुरक्षाबल भी किसी तरह के नुकसान को कम करने के लिए आतंकियों की घेराबंदी कर आगे बढ़ते नजर आए। वारदात से लगभग छह सौ मीटर दूर सड़क पर ही वाहनों और आम लोगों को रोक दिया गया।
सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर और आईटीबीपी का शिविर बिल्कुल नजदीक
जिस जगह आतंकियों ने वारदात को अंजाम दिया। वहां से सीआरपीएफ का ग्रुप सेंटर और आईटीबीपी का शिविर बिल्कुल नजदीक है। बेई नाले के किनारे सुरक्षाबलों के यह संस्थान आतंकी घुसपैठ को हतोत्साहित करने और नाकाम करने के लिए ही स्थापित किए गए थे। ऐसा अंदेशा है कि आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे और लगातार इस इलाके की रेकी कर रहे थे।
आतंक का पुराना रूट है बेई नाला
भारत पाकिस्तान अंतराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ के पुराने रूट में कठुआ सांबा की सरहद पर बहता बेई नाला भी शामिल रहा है। जिस जगह आतंकियों ने वारदात को अंजाम दिया उसकी हाईवे से दूरी लगभग सड़क मार्ग से आठ किलोमीटर है लेकिन जंगल के रास्ते यह इलाका हाईवे से तीन से चार किलोमीटर की दूरी पर ही स्थित है। वहीं बेई नाले से सटे सैडा सोहल में आतंकियों की दस्तक ने साफ कर दिया है कि आतंकियों ने घुसपैठ के लिए अंतराष्ट्रीय सीमा से फिर कोई नया पैंतरा अपना लिया है। लगभग डेढ़ माह पहले ही आतंकियों के एक दल में बसंतगढ़ में वीडीजी सदस्य की हत्या कर दी थी। कई दिनों तक ढग्गर से लेकर बसंतगढ़ के इलाके में सर्च के बाद भी उनका कोई सुराग हाथ नहीं लगा। वहीं ऐसा माना जा रहा है कि घुसपैठ कर आए आतंकियों का यह नया दल था।
दहशत में रहे लोग, देर रात तक जागे दिखे
सैडा सोहल और आसपास के दर्जनों गांव में दहशत का माहौल रहा। रात आठ बजे आतंकी गोलाबारी की वारदात का पता चलते ही कई इलाकों में विरानी छा गई। दूर दराज का इलाका होने के चलते दुकानें भी समय से पहले बंद हो गई। वहीं कूटा बाजार से लेकर कूटा मोड़ में भी दुकानों को बंद कर दिया गया। यहां तक कि सैडा सोहल के जो लोग अन्य क्षेत्रों में दुकानें करते थे वो भी जल्दी घरों को लौट आए।
चश्मदीद ने कहा कि गोली चली और उसके बाद दरवाजे बंद कर दिए
दो आतंकियों को देखने का किया दावा
कठुआ, हीरानगर। आतंकी हमले में घायल एक चश्मदीद को देर रात साढ़े 11 बजे उपजिला अस्पताल हीरानगर भर्ती करवाया गया। घायल के हाथ पर चोट आई है। उसने बताया कि अचानक धमाके की आवाज सुनी जिसके बाद परिवार के लोग दरवाजे बंद कर भीतर ही घुस गए। उसने बताया कि उसे बाजू पर चोट आई जब वो भागने का प्रयास कर रहा था।
उधर, सूत्रों के मुताबिक देर शाम जिस घर में आतंकियों ने दबिश दी, वहां उन्होंने एक महिला से पानी मांगा। शक पर महिला ने मना किया तो उन्होंने गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इस बीच घर के सदस्य कमरों के भीतर भागे और आसपास के लोगों ने भी खुद को घरों में कैद कर दिया। वहीं परिवार के एक सदस्य ने आतंकी वारदात की पुलिस को जानकारी दी। कुछ ही देर में सुरक्षाबल मौके पर पहुंच गए और काउंटर ऑपरेशन में एक आतंकी को ढेर कर दिया गया। वहीं उसके साथी आतंकी की तलाश जारी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आतंकियों के कंधे पर बैग थे और वो हथियारों से लैस थे। घायल की पहचान ओंकार नाथ पुत्र दीना नाथ के रूप में हुई है। उसे हीरानगर उपजिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद जीएमसी कठुआ में रेफर कर दिया गया।
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