- 2 किलोमीटर दूरी तय करने के लिए करना पड़ रहा 20 से 25 किलोमीटर का सफर
हीरानगर। चड़वाल के पास तरनाह नाले पर पुल धंसने के कारण हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बंद है। 10 दिनों के बाद भी वैकल्पिक रास्ता नहीं बनने से लोगों का रोज ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है। अब तक न तो पुल की मरम्मत का काम शुरू हो पाया है और न ही वैकल्पिक मार्ग तैयार हुआ है। लोगों की परेशानियों को लेकर प्रदेश प्रशासन और एनएचएआई गंभीर नहीं हैं। एनएचएआई से वैकल्पिक मार्ग तैयार करना तो दूर लोगों के लिए पैदल चलने तक का रास्ता नहीं बन सका है।
लोग अपनी जान जोखिम में डालकर नाले को गिरते संभलते पार कर रहे हैं। महिलाएं छोटे-छोटे बच्चों को लेकर पानी से गुजर रही हैं। लोगों में सरकार और एनएचएआई के प्रति भारी रोष है। लोगों का कहना है कि 10 दिन गुजरने के बाद भी नाले में वैकल्पिक रास्ता तैयार नहीं हुआ है। यह काम करवा रही कंपनियों में प्रशासन का कोई डर नहीं है। वहीं, हाईवे बंद होने पर ओल्ड सांबा कठुआ रोड पर डायवर्ट किए गए ट्रैफिक से बार-बार यहां जाम की स्थिति बन रही है। दो किलोमीटर का सफर पहले पांच से दस मिनट में हुआ करता था, अब 4 से 5 घंटे सफर करना पड़ रहा है।
मंडी न पहुंचने पर रेहड़ी-फड़ी वालों ने बंद किया काम
हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बंद होने से चड़वाल और दयाला चक में व्यापार बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। दयाला चक सब्जी मंडी पर निर्भर कई सब्जी विक्रेताओं ने दुकानें बंद कर दी हैं। चड़वाल व इसके आसपास के इलाके के फल सब्जी विक्रेता दयाला चक मंडी से सामान लाकर बेचते थे। मगर अब सीधा संपर्क न होने से उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। दो किलोमीटर दूर मंडी से सामान लाने के लिए अब उन्हें 25 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हें पहले से करीब पांच गुणा अधिक किराया देना पड़ रहा है। यही कारण है कि कुछ छोटे रेहड़ी फड़ी वाले फल सब्जी विक्रेता काम बंद कर चुके हैं।