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Kathua News: नियमों को ताक पर रखकर काल बन दौड़ रहे डंपर-टिप्पर

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बिना नंबर हाईवे पर दौड़ता टिप्पर
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- बिना नंबर, आधे अधूरे दस्तावेजों के बाद भी चालकों को नहीं कोई डर
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- चौक चौराहा पर तैनात पुलिस, यातायात पुलिस कर्मियों के सामने से बेखोफ गुजरते हैं

अरुण खजूरिया

हीरानगर। हाईवे और संपर्क मार्गों पर डंपर-टिप्परों की लापरवाही भरी दौड़ थमने का नाम नहीं ले रही है। बिना नंबर, बिना तिरपाल ओवरलोड सामग्री लेकर टिप्पर व डंपर सड़कों पर तेज गति में फर्राटे भर रहे हैं।
संपर्क मार्गों पर उनकी दिन-रात आवाजाही से बच्चों का साइकिल चलाना, लोगों का सुबह-शाम सैर करना बंद हो रहा है। टिप्पर चालकों में न तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर और न ही चौक चौराहों पर खड़े पुलिस और यातायात पुलिस कर्मियों का कोई डर है। बिना नंबर, बिना इंश्योरेंस और आधे-अधूरे दस्तावेजों के साथ टिप्पर-डंपर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इसी सप्ताह जिले में दो हादसे टिप्पर के साथ हुए जिसमें एक जान चली गई जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया।
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इससे पहले भी इनकी ओवरस्पीड कई लोगों की जान ले चुकी है। इसके बावजूद भी इनके चालकों में नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई का कोई डर नहीं है। बिना तिरपाल के ओवरलोड टिप्पर सरेआम हाईवे पर धूल मिट्टी उड़ते हुए गुजरते हैं। जिससे दोपहिया वाहन चालकों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय निवासी पवन शर्मा ने कहा वह रोजाना हाईवे पर स्कूटी से सफर करते हैं और हर रोज हाईवे पर तेज रफ्तार ओवरलोड टिप्पर बिना तिरपाल दौड़ते दिखते हैं। यातायात पुलिस हाईवे पर नाका लगाकर अन्य वाहनों के दस्तावेजों की जांच तो करते हैं लेकिन इन्हें नहीं रोकते। आखिर इसका क्या कारण है यह वही जानते होंगे। लेकिन इस समय हाईवे के साथ-साथ सभी छोटे-बड़े संपर्क मार्गों पर बेलगाम दौड़ रहे टिप्परों का आतंक है।
सुनील सिंह ने कहा कि रविवार को जम्मू की तरफ जा रहे थे तभी दयाला चक के नजदीक कंकर से भरा एक टिप्पर बिना तिरपाल उनके आगे चल रहा था तभी हाईवे पर बने एक गड्ढे पर जंप लगे के बाद एक कंकर उनके शीशे को अगर लगा, जिससे शीशे में दरार पड़ गई। इस नुकसान के लिए यातायात विभाग जिम्मेदार नहीं है तो और कौन है। अगर इन पर कार्रवाई की गई होती और इस पर तिरपाल होती तो यह नुकसान न होता।
चड़वाल निवासी सुमन देवी ने कहा चड़वाल से माता चिंतपूर्णी सड़क पर सुबह शाम सैर करते थे लेकिन अब यहां दिन-रात लगातार टिप्परों की आवाजाही होती है। एक तो इनकी गति डरा देने वाली होती है ऊपर से यह धूल-मिट्टी उड़ाते हुए गुजरते हैं जिससे सैर करने का स्वास्थ्य को कोई लाभ नहीं होता। उन्होंने कहा इसी सड़क पर आसपास के गांव के बच्चे साइकिल चलाते थे और युवा दौड़ लगाते थे लेकिन अब उन पर भी रोक सी लग गई है।
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इस संबंध में डीटीआई पवन सिंह ने कहा कि हाईवे और एक्सप्रेस वे के काम के चलते कंस्ट्रक्शन कंपनियों के साथ चल रहे डंपर-टिप्पर 500 मीटर तक बिना तिरपाल भी जा सकते हैं। जब उनसे यह पूछा गया कि बिना नंबर और आधे अधूरे दस्तावेजों के साथ भी डंपर दौड़ रहे हैं तो उनका कहना था कि ऐसा नहीं है और अगर होगा तो कार्रवाई की जाएगी।
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