कठुआ। स्थायी फैकल्टी से लगातार जूझता राजकीय मेडिकल कॉलेज कठुआ इस वर्ष नए सत्र से पहले रिक्त पड़े पदों पर शैक्षणिक व्यवस्था के आधार पर नियुक्ति करेगा। इसको लेकर जीएमसी की ओर से भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए पांच जुलाई तक आवेदन किए जा सकेंगे। जम्मू कश्मीर के अलावा बाहरी राज्यों के उम्मीदवार भी इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
कॉलेज प्रशासन शैक्षणिक व्यवस्था के आधार पर लगभग 35 प्रोफेसरों को नियुक्ति करेगा। इनमें 11 प्रोफेसरों, आठ एसोसिएट प्रोफेसरों की भी नियुक्ति की जानी है। अनुबंध आधार पर की जाने वाली इस भर्ती के तहत इन दोनों पदों को पहले तीन वर्ष के लिए भरा जाएगा। इसके बाद कॉलेज प्रशासन इसे अगले तीन साल तक बढ़ाने का फैसला ले सकता है।
16 सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति पहले सिर्फ एक साल के लिए ही होनी है। इसको अच्छे प्रदर्शन और आचरण के आधार पर हर साल बढ़ाया जा सकता है। जिन विभागों में प्रोफेसरों की नियुक्ति होने जा रही है, इनमें एनाटॉमी, माइक्रोबायोलॉजी, तपेदिक और श्वसन रोग, त्वचा विज्ञान, वेनेरोलॉजी और कुष्ठ रोग, मनोचिकित्सा, हड्डी रोग, प्रसूति और स्त्री रोग, रेडियो-निदान (रेडियोलॉजी), रेडियोथेरेपी (ऑन्कोलॉजी) और ब्लड बैंक आदि शामिल हैं।
एसोसिएट प्रोफेसर के एक-एक पद बायोकेमिस्ट्री, फोरेंसिक मेडिसिन, जनरल मेडिसिन, तपेदिक और श्वसन रोग, जनरल सर्जरी, रेडियो-निदान (रेडियोलॉजी), रेडियो-थेरेपी (ऑन्कोलॉजी) और भौतिक चिकित्सा और पुनर्वास आदि के विभागों में भरे जाएंगे, जबकि सहायक प्रोफेसर की शैक्षणिक व्यवस्था के आधार पर नियुक्ति होगी। इसमें एनाटॉमी-2, फार्माकोलॉजी-1, जनरल मेडिसिन-2, कम्युनिटी मेडिसिन-3, प्रसूति एवं स्त्री रोग-2, रेडियो डायग्नोसिस (रेडियोलॉजी)-1, रेडियोथेरेपी (ऑन्कोलॉजी)-2, विश्लेषण विज्ञान-1, मनोचिकित्सा-1 और भौतिक चिकित्सा एवं पुनर्वास-1 पद भरे जाएंगे। उधर, कॉलेज प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पहले से सेवारत डॉक्टर इन पदों पर आवेदन नहीं कर सकते हैं।