-37 हजार लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले उपजिला अस्पताल में सुविधाएं घट रहीं
-स्त्री रोग व मनोरोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट के हुए थे तबादले
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का दावा करने वाला जिला स्वास्थ्य विभाग नगरी तहसील में लगातार पिछड़ रहा है। करीब 37 हजार की आबादी वाली इस तहसील के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देने लिए स्थापित उपजिला अस्पताल में लगातार डॉक्टराें के पद खाली होते जो रहे हैं। पांच माह में तीन डॉक्टरों के तबादले हुए, लेकिन उनकी जगह किसी डॉक्टर के न आने से मरीज परेशान हो रहे हैं। उनको इलाज के लिए कठुआ या अन्य जगह जाना पड़ रहा है।
एक के बाद एक डॉक्टर के तबादले से रिक्त हो रहे पदों के कारण कम होती जा रही स्वास्थ्य सेवाओं पर स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां स्वास्थ्य सेवा का विकास होना तो दूर की बात, जो सेवाएं लोगों को मिल रही थीं, वे भी खत्म होती जा रही हैं।
अल्ट्रा साउंड सेवाएं बंद : यहां पांच माह से स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद खाली पड़ा है। इतने ही महीनों से अल्ट्रा साउंड की सेवाएं भी बंद हैं। इसके अलावा करीब दो माह से उपजिला जिला अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ भी उपलब्ध नहीं है। सर्जन की नियुक्ति भी नहीं हो पाई है। अस्पताल में बंद पड़ी इन सेवाओं को बहाल करने के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। इस कारण इलाज के लिए यहां आने वाले लोगों की संख्या में गिरावट आ रही है।
बाल रोग और हड्डी रोग विशेषज्ञ की मांग भी पूरी नहीं
करीब दो दशक पहले प्राइमरी हेल्थ सेंटर से उपजिला अस्पताल में अपग्रेड हुए अस्पताल में नगरी तहसील के अलावा मढ़ीन तहसील के सांझी मोड़ और पड़ोसी राज्य पंजाब के आधा दर्जन गांवों से लोग स्वास्थ्य सेवा लेने के लिए आते हैं। इसी को देखते हुए इलाके के लोग उपजिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ और हड्डी रोग विशेषज्ञ को भी नियुक्त करने की मांग कर रहे थे। लेकिन नई नियुक्तियां होना तो दूर की बात, जो सेवाएं उपलब्ध हैं, वे भी एक-एक कर बंद होती जा रही हैं।
तहसील के इस सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान में सुविधाओं की अनदेखी
नगरी निवासी सतीश शर्मा ने कहा, तहसील के इस सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान की लगातार अनदेखी की जा रही है। गरीब आबादी को जो इसका लाभ मिलना था, वह नहीं मिल पा रहा है। स्त्री रोग और बाल रोग जैसे विभाग यहां न होने के कारण लोगों को जीएमसी कठुआ जाना पड़ता है। इसमें उनके पैसे और समय दोनों बर्बाद होते हैं। अस्पताल में सुविधाओं का विकास करने के लिए कई बार गुहार लगाई गई है, लेकिन आज तक सिर्फ उन्हें अनसुना ही किया गया है।
वहीं, जिला विकास परिषद सदस्य संदीप मजोत्रा कहा कि उपजिला अस्पताल को लोगों की सहूलियत के अनुरूप विकसित किए जाने के लिए सर्जरी और ऑर्थो विभागों की भी जरूरत है। इनकी की कमी का मुद्धा विभाग के जिला अधिकारियों के साथ निदेशक तक के सामने उठाया जा चुका है। वहीं, इसके अलावा भी बैक टू विलेज व अन्य मंचों से भी अस्पताल को विकसित किए जाने की मांग की गई है। जहां से आश्वासन तो मिलता रहा है, लेकिन आज तक इसके लिए कुछ नहीं किया गया है।
डॉक्टरों की कमी के बारे विभाग के उच्चाधिकारियों को लिखा है
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कठुआ डॉ. विजय रैणा ने कहा कि जिले में एक मात्र रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध है, जिस कारण उपजिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा को शुरू किया जाना संभव नहीं है। पूर्व में चलने वाले विभागों में सेवा दे रहे डॉक्टरों के तबादले के बाद खाली हुए पदों पर भी नए डॉक्टरों की उपलब्धता नहीं हो पाई है। विभाग के उच्चाधिकारियों को इस बारे में लिखा गया है। जैसे ही नए डॉक्टर उपलब्ध होते हैं। अस्पताल में उनकी तैनाती कर सेवाओं का विस्तार कर दिया जाएगा।