पुनर्वास राशि जारी होने में हो रही देरी के खिलाफ रोष जताते शरणार्थी। संवाद
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कठुआ। पिछले छह दशकों से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे वेस्ट पाकिस्तान के शरणार्थियों द्वारा मासिक बैठक का आयोजन किया गया। शहर के ड्रीमलैंड पार्क में आयोजित बैठक के दौरान शरणार्थियों ने केंद्र सरकार द्वारा घोषित पुनर्वास राशि के वितरण में हो रही देरी पर कड़ा रोष जताया। इस दौरान सैकड़ों शरणार्थियों ने प्रशासन पर उनके मामले में लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाया है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी एक्शन कमेटी के प्रधान लब्बाराम गांधी ने कहा कि तीन वर्ष पूर्व केंद्र सरकार द्वारा रिफ्यूजी को राहत देने के लिए पुनर्वास राशि दिए जाने की घोषण की थी। कठुआ जिला के करीब 1100 परिवारों को लाभ मिलना था, लेकिन अभी तक मात्र 70 परिवारों को पुनर्वास राशि मिल पाई है। उन्होंने कहा वर्ष 1947 में जो शरणार्थी परिवार जम्मू कश्मीर में आए थे। सरकार उन्हें ही योजना का लाभार्थी मान रही है। जबकि वर्तमान में उन परिवारों के आगे भी कई-कई परिवार बन चुके है। ऐसे में दस्तावेजी प्रक्रिया इतनी जटिल हो गई है कि लोग उन्हें पूरा नही कर पा रहे हैं। ऐसे में सरकार द्वारा घोषित राहत राशि नहीं मिल पा रही है। इससे शरणार्थियों में गुस्सा बढ़ रहा है। उन्होंने जम्मू कश्मीर प्रशासन और सरकार से शरणार्थियों के मामले में विशेष ध्यान देने की मांग की, ताकि वर्षों से अपने हक के लिए दरबदर हो रहे शरणार्थियों को भी राहत मिल सके। मौके पर कमेटी के छज्जू सिंह मन्हास, प्रेमचंद, रूपलाल जगदीश जरमाल, तरसेम चंद, मनोहर लाल, राजेंद्र मन्हास आदि वक्ताओं ने भी शरणार्थियों की समस्याओं का उठाया।