कठुआ। दस साल के अंतराल के बाद होने वाले विधानसभा चुनावों में महिलाओं और बुजुर्गों का जोश देखने लायक था।
सोमवार की सुबह सात बजे जैसे ही मतदान केंद्रों पर चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई, महिलाओं और बुजुर्गों ने अपने-अपने मतदान केंद्रों पर अपने मतदान का प्रयोग कर नई सरकार के गठन की कवायद शुरू कर दी।
केंद्र शासित राज्य बनने के बाद जम्मू-कश्मीर में पहली बार विधानसभा के हो रहे चुनाव में नई सरकार को लेकर मतदाताओं का मिला-जुला रुख सामने आया। मतदान केंद्रों पर पहुंचे लोगों में कई ने विकास के नाम अपना मतदान किया तो कई मतदाताओं में एक लंबे अंतराल के बाद होने वाले चुनावों को लेकर खिज भी थी। इसके बावजूद चुनावों को लेकर मतदाताओं में काफी उत्साह दिखा।
चक शेखां मतदान केंद्र पर मतदान करने पहुंचे 103 वर्षीय बुजुर्ग सतनाम सिंह ने कहा कि जब से उनका वोट बना हुआ है, वह एक भी वोट डालने से नहीं चूके हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा विकास को ही तवज्जो दी है। मतदान करने के लिए अपने मन की सुनी है। हां एक बार उन्होंने वर्ष 2008 में उनके वार्ड 14 में पहुंचे सेवानिवृत्त एडीसी कठुआ चरणजीत सिंह को अपने इलाके के नाले के विकास करवाने के लिए उनको वोट दिया। इसका उनको फायदा भी मिला और विधायक बनने के बाद उन्होंने उस नाले का काम भी करवाया।
खंड विकास अधिकारी दफ्तर से सेवानिवृत्त सेक्शन ऑफिसर 80 वर्षीय कुशाल सिंह और उनकी धर्मपत्नी प्रीतम कौर (78 वर्षीय) चक शेखां मतदान केंद्र पर अपना मतदान करने के लिए आए। उन्होंने कहा कि जो भी सरकार सत्ता में आए, उसे समाज के विकास के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार सर्जन करने के लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत हैं। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी के चलते युवा नशे के शिकार हो रहे हैं। नई सरकार को चाहिए कि इस पर मुख्य तौर से ध्यान दे।
वहीं, मतदान केंद्र पर अपने बेटे के साथ पहुंचीं श्रेष्ठ देवी ने गंभीर बीमारी के बावजूद नई सरकार के गठन के लिए अपने मत का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि यह पर्व कई सालों के बाद आया है। इसमें सब को बढ़ -चढ़कर भाग लेना चाहिए, जबकि जिला औद्योगिक केंद्र कठुआ हटली मोड़ स्थित मतदान केंद्र पर पहुंचीं 80 वर्षीय रजिंद्र कौर ने इलाके में बढ़ते प्रदूषण की समस्या पर रोकधाम के लिए नई सरकार पर उम्मीद जताई है।