कठुआ। मानसून ने दस्तक दे दी है लेकिन फिर शहर से पानी को निकालने के लिए तैयार किए गए लगभग 25 किलोमीटर लंबे डीप ड्रेन सिस्टम की सफाई का काम अधूरा ही रह गया है। इससे तमाम दावों के बावजूद इस बार भी शहर के जगह-जगह होने वाले जलभराव में लोगों की परेशानी बढ़ने की संभावना बढ़ गई है।
दरअसल हर बार मानसून की दस्तक से पहले नगर परिषद कठुआ इससे निपटने के लिए बड़े-बड़े दावे तो कर देता है लेकिन उसके दावे इन ड्रीप ड्रेन तक पहुंचने से पहले ही फेल हो जाते हैं। आलम यह है कि कॉलेज मार्ग के किनारे ड्रेन में बहने की जगह बरसात का पानी सड़क पर बहकर तारकोल बहा ले जाता है। वहीं शहर के विभिन्न इलाकों में बरसात का पानी डीप ड्रेन में जाने के बजाय गलियों में ही बहता है। कई ऐसे भी स्थान हैं, जहां पानी को बहने के लिए स्थान ही नहीं मिलता है। इसके कारण वह गलियों में ही भरा रहता है। हर साल बारिश के महीनों में जलभराव की समस्या से जूझने वाले शहर में इस साल भी जल जमाव होगा। शहर की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी का निर्वहन करने वाली नगर परिषद की ओर से अब तक शहर में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए हैं।
शहर के विभिन्न वार्डों में वर्षों से बंद पड़े डीप कवर्ड ड्रेनों में उफान आना इस बार भी तय है। 21 वार्डों वाले कठुआ शहर में लोगों को बेहतर आवागमन का साधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ पानी की निकासी के लिए करीब दो दशक पूर्व शुरू की गई डीप कवर्ड ड्रेन बनाए जाने की परंपरा अभी भी जारी है। इसे साफ करने के लिए नगर परिषद के पास न तो कोई मशीनरी है और न ही सफाई कर्मचारी। हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शहर में कितनी लंबी डीप कवर्ड ड्रेन उपलब्ध है। इसका भी नगर परिषद के पास कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
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क्या कहते हैं लोग
पिछले एक दशक से गुज्जर हाॅस्टल चौक से लेकर पुराने गर्ल्स हायर सेकेंडरी चौक तक होने वाले जलभराव की समस्या का आज तक समाधान न नगर परिषद ने किया है और न ही लोगों ने इस पर कभी गंभीरता दिखाई है। इसके कारण हर बार पानी बरसने पर इस पूरी सड़क का तालाब बन जाना तय होता है, जबकि इस सड़क पर ज्यादातर नाले खुले हुए हैं। उन्हें आसानी से साफ किया जा सकता है।
-हरबंस लाल, स्थानीय दुकानदार
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एसएसपी कार्यालय से सटी गली में नाले का निर्माण होने के बाद से ही इसके बहाव को लेकर समस्या थी। इसके कारण वह चंद सालों में ही बंद हो गया है। अब मौजूदा हालत यह है कि हल्की सी बारिश के बाद आने वाला पानी नाले में बहने के बजाय लोगों के घरों की ओर रुख कर लेता है। इससे नाले की गंदगी के साथ उसमें पलने वाले कीड़े मकोड़े भी लोगों के घरों में आ जाते हैं। इसकी बार-बार मांग किए जाने के बाद भी सुध नहीं ली जा रही है।
-थुडू राम, स्थानीय निवासी
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कहां-कहां होता है जलभराव
शहर के हाईवे से सटे शिवा नगर, पटेल नगर, रामनगर कॉलोनी के अलावा हटली मोड़ क्षेत्र में हाईवे की ओर से आने वाला पानी हर साल लोगों की मुश्किल बढ़ाता है क्योंकि इन वार्डों में पानी की निकासी का कोई बेहतर प्रावधान अब तक नहीं बन पाया है। इसके अलावा शहर के वार्ड नंबर 4, 7, 17, और 18 में भी हर बारिश के बाद लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है क्योंकि इन स्थानों पर बनाए गए डीप कवर्ड ड्रेन वर्षों से पूरी तरह से साफ नहीं किए गए हैं। ऐसे में जलभराव की समस्या आती है। वहीं शहर के कोर्ट रोड पर भी पानी की निकासी का बेहतर प्रावधान न होने के कारण लोगों को कई समस्याओं से जूझना पड़ता है।
बरसात के दौरान पानी की निकासी को बेहतर बनाने के लिए पिछले 15 दिन से नगर परिषद लगातार मुख्य नालों की सफाई के काम को अंजाम दे रहा है। इसके लिए पांच कर्मचारी लगातार नालों को साफ करने के काम में लगे हुए हैं। वे नालों काे क्रमवार साफ कर रहे हैं। अगर कही मशीनरी की जरूरत भी पड़ रही है तो वह भी भेजी जा रही है ताकि बारिश होने से पूर्व सभी नालों को साफ कर लिया जाए। साथ ही नगर परिषद की ओर से नालों की सफाई के लिए बनाई गई टीम बरसात के पूरे सीजन में अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार रहेगी क्योंकि अगर कही भी नालों में कोई रुकावट आती है तो उनकी जरूरत पड़ सकती है।
-निनाद सेन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद कठुआ