संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर में इसी सप्ताह एक बार फिर घर-घर से कचरा उठाने की योजना शुरु होने जा रही है। इससे शहरवासियों को राहत मिलेगी। इस बार नगर परिषद ने यह काम किसी निजी कंपनी की बजाय खुद शुरू करने की योजना बनाई है। इसके लिए चालकों और सहायकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अधिकारियों का दावा है कि इसी सप्ताह हर घर से कचरा उठाने की मुहिम शुरू होगी। इससे शहर कचरा मुक्त बन पाएगा।
बता दें कि हरियाणा की एक कंपनी को बतौर कार्यपालक एजेंसी दिसंबर महीने में घर-घर से कचरा उठाने का काम दिया गया था। लेकिन ढाई महीने बाद ही योजना की हवा निकल गई। इसके बाद शहर में एक बार फिर कचरे के ढेर लगने शुरू हो गए। इससे शहरवासी परेशान होने लगे थे। शहीदी चौक से सटे मोहल्ले के लोगों ने गंदगी को लेकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था। वहीं, चौक-चौराहों पर गंदगी के ढेर स्वच्छ भारत मुहिम को मुंह चिढ़ाते नजर आते हैं।
चार लाख बकाया थी सिक्योरिटी, करार किया रद्द
टेंडर अलॉटमेंट से पहले कंपनी ने दो लाख रुपये जमा करवाए थे। लेकिन, उसके बाद जमा होने वाली 6 लाख रुपये सिक्योरिटी दो महीने बाद भी जमा नहीं करवा सकी। इसके अलावा शहर से निर्धारित यूजर चार्जेस भी इकट्ठा नहीं किया गया, जबकि नगर परिषद उसे हर माह प्रति वार्ड 46620 रुपये अदा कर रही थी। उक्त खामियों के चलते स्थानीय निकाय विभाग के डायरेक्टर ने कार्यपालक एजेंसी से किया गया करार रद्द कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि कंपनी को काम बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
संसाधनों की नहीं कमी, मैन पावर भी पर्याप्त
नगर परिषद के पास कार्यालय में कचरा एकत्रित करने के लिए 11 वाहन हैं। इसके अलावा 15 चालकों और सहायकों को आउटसोर्स पर काम के लिए भर्ती की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। भर्ती किए गए सभी कर्मचारी स्थानीय लोग होंगे। यह शहर से वाकिफ हैं। परिषद अधिकारियों का दावा है कि परिषद द्वारा शुरु की जाने वाली योजना निजी कंपनी की तुलना में बेहतर काम करेगी। इससे शहर साफ सुथरा बनेगा और लोगों को भी सुविधा मिलेगी।
नगर परिषद इसी सप्ताह से अपने स्तर पर मुहिम शुरू करेगी, ताकि शहर साफ सुथरा रहे। यूजर चार्जेज भी अब नगर परिषद के कर्मचारी ही एकत्रित करेंगे।
- निनाद सेन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद