संगठन सृजन अभियान के तहत कांग्रेस पार्टी ने कठुआ में कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इसमें आगामी जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव की तैयारी को लेकर चर्चा की गई। इसमें पर्यवेक्षक ने पार्टी कार्यकर्ताओं को गुटबाजी से बचने की सलाह दी। वह जिले के 19 ब्लॉक अध्यक्षों में केवल तीन की मौजूदगी पर हैरान दिखे।
उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने इस बैठक में पर्यवेक्षक की भूमिका निभाई। उन्होंने कार्यकर्ताओं के विचारों को सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि वह अपनी रिपोर्ट पूरी निष्पक्षता के साथ पार्टी हाईकमान को भेजेंगे जिसके बाद ही जिलाध्यक्ष के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी।
बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने पार्टी में बदलाव की दिशा में इस पहल की सराहना की। कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि ऐसी बैठकों से सभी की राय शामिल हो पाती है। नगर परिषद के पूर्व प्रधान राजेंद्र सिंह बब्बी ने हाईकमान द्वारा चुने गए किसी भी व्यक्ति को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया, लेकिन साथ ही ज़ोर दिया कि पार्टी को गंभीरता से विचार करना होगा ताकि किसी एक नाम की घोषणा से गुटबाज़ी को बढ़ावा न मिले।
इस अवसर पर यशपाल आर्य ने चिंता व्यक्त की कि जिले के 19 ब्लॉक अध्यक्षों में से केवल तीन ही बैठक में उपस्थित हुए। उन्होंने कहा यह स्थिति ऐसी है कि सेनापति तो हैं लेकिन सुनने वाले नहीं। हमें इसे बदलना होगा। उन्होंने मौजूदा भाजपा सरकार पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि देश की स्थिति से सभी वाकिफ हैं और इसे बदलने के लिए कांग्रेस को पूरी सक्रियता दिखानी होगी।
बैठक में कठुआ नगर परिषद के पूर्व प्रधान नरेश शर्मा, ब्लॉक प्रधान विशु अंदोत्रा, चरणजीत सिंह भोला, ज़िला प्रधान पंकज डोगरा, योगराज, पंकज शर्मा, नरेंद्र खजुरिया, निर्दोष शर्मा सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।