कठुआ। लखनपुर में रावी दरिया की बाढ़ मंगलवार की रात आफत बनकर आई। देखते ही देखते दरिया का पानी रुख बदलकर बसोहली मोड़ की ओर रुख करने लगा। जिला विकास परिषद, पर्यटन विभाग की इमारत और सीआरपीएफ कैंप भी इसकी जद में आ गए।
पानी के तेज बहाव के बीच सीआरपीएफ के 22 जवान, एक श्वान और तीन अन्य लोग फंसकर रह गए। रात से ही मदद की गुहार के बीच एनडीआरएफ की टीम भी अंधेरे में रेस्क्यू को आगे नहीं बढ़ा पा रही थी। खतरा बढ़ता जा रहा था, चूंकि आसपास की इमारतें एक-एक कर दरिया में समाती जा रही थीं।
सुबह करीब 5:45 बजे रोशनी के साथ ही सेना ने अपने चार चॉपर रेस्क्यू में लगा दिए। एक-एक कर पर्यटन विभाग की इमारत की छत से 22 सीआरपीएफ जवानों, श्वान और तीन अन्य लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया। हालांकि जैसे ही आखिरी चॉपर ने रेस्क्यू के बाद उड़ान भरी, इमारत भी भरभरा कर गिर गई। उधर, प्रदेश को देश के अन्य हिस्सों से रावी दरिया पार करवाकर जोड़ने वाले निर्यात पुल की अप्रोच सड़क पर बाढ़ के कटाव से बह गई है। पुल को भी क्षति पहुंची है। बाढ़ के बहाव को देखते हुए दोपहर के समय पशुपालन विभाग की रिंडरपेस्ट चेकपोस्ट से स्टॉफ और सामान को भी शिफ्ट कर दिया गया है। यह चेकपोस्ट अब सेल्स टैक्स विभाग की इमारत में शिफ्ट की गई है।