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बच्चे की मौत पर फूटा गुस्सा

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कठुआ। शुक्रवार को जिला अस्पताल में अपनी मां और एक दिन पहले ही पैदा हुए अपने भाई से मिलने के लिए आया एक बच्चा खिड़की से गिर गया। इस हादसे में उसके सिर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद उसने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत के बाद शनिवार को शहर के वार्ड आठ के लोगों ने जिला अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में शामिल परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि डाक्टरों ने सही समय पर बच्चे को इलाज नहीं दिया और इसी कारण उनका बेटे की मौत हुई है। प्रदर्शनकारियों ने जराई चौक करीब डेढ़ घंटे के लिए जाम कर दिया और जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
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प्रदर्शनकारियों में शामिल बेटे के पिता रामपाल ने कहा कि उनका चार वर्षीय बेटा अपने भाई को देखने के लिए अस्पताल आया था। वह अस्पताल की खिड़की से गिर गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। करीब आधे घंटे तक उनके बेटे को देखने के लिए कोई नहीं आया। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी कोई डाक्टर नहीं आया। करीब आधे घंटे बाद जब डाक्टर आए तो सिर से खून बह चुका था। डाक्टरों की गैर मौजूदगी के कारण ही उनके बेटे की मौत हुई है। प्रदर्शनकारियों में शामिल चरणजीत सिंह, कुलवंत कौर आदि ने कहा कि जिला अस्पताल में इस प्रकार की लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले भी डाक्टर के न आने के कारण एक नवजात की मौत हो गई थी और अब फिर से डाक्टरों की गैर मौजूदगी के कारण बच्चे की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए। इधर प्रदर्शनकारियों को समझाने के लिए पहुंचे थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह से भी लोगों ने यही मांग की। उन्होंने कहा कि लोगों को आश्वस्त करते हुए शांत करवाया जिसके बाद लोगों ने मार्ग यातायात के लिए खोला।


खुशियों की जगह घर में छाया मातम
कठुआ। जिस घर में पहले खुशियों ने दस्तक दी थी, तो अगले ही दिन बेटे की मौत से घर में मातम का माहौल बन गया। वार्ड आठ निवासी रामपाल की पत्नी ने दो दिन पहले ही एक ओर बेटे को जिला अस्पताल में जन्म दिया। आपरेशन से हुए बच्चे और मां को डाक्टरों ने दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया लेकिन रामपाल ने अलग से कमरा देने को कहा। इस पर प्रबंधन की ओर से 500 रुपये प्रति दिन की फीस की बात कही गई। रामपाल ने बताया कि उसने चार दिन की एंडवांस फीस जमा करवाई। शुक्रवार को रामपाल का चार वर्षीय बेटा ध्रुव अपने छोटे भाई को देखने के लिए जिला अस्पताल आया। बच्चे की जिद पर परिजन उसे छोटे भाई से मिलाने के लिए ले आए। जिस कमरे में मां और बच्चे को रखा गया था, उसकी खिड़कियों में ग्रिल नहीं थी। बच्चे ने जैसे ही खिड़की से नीचे देखा तो वह तीसरी मंजिल से सीधा नीचे जा गिरा। बेटे को गिरता देख परिजन नीचे दौड़े और बच्चे को एमरजेंसी वार्ड में ले गए। वहां से उसे रेफर कर दिया गया, लेकिन बच्चे ने दम तोड़ दिया।
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