कठुआ। रावी कनाल ने फिर एक और जिंदगी को लील लिया। हटली लिंक मार्ग पर रेलवे फाटक के नजदीक सुबह करीब साढ़े दस बजे नहर में नहाने गए तीन भाइयों में से एक नरेश (12) अचानक फिसलकर नहर के बीच जा गिरा, जिसके बाद सात घंटे तक उसे बचाने की जद्दोजहद जारी रही। एसडीआरएफ की कठुआ और सांबा से आई टीमों ने घंटों मशक्कत की लेकिन सफलता हाथ नहीं लग पाई। जब नहर का जलस्तर कम हुआ, तक तब नरेश की जान जा चुकी थी। जिस जगह वह डूबा था, वहां से एक किलोमीटर दूर शाम को करीब पांच बजे उसका शव बरामद किया गया।
जानकारी के अनुसार नरेश अपने दो भाइयों के साथ गोविंदसर से रेलवे क्रासिंग के नजदीक पड़ती नहर में नहाने के लिए गया था। तैरना नहीं आता था, इसी वजह से वह नहर के किनारे सीढ़ियों पर बैठकर ही नहा रहा था। इसी बीच अचानक उसका पांव फिसला और नहर के बीच जा गिरा। नरेश के दोनों भाइयों ने शोर मचाकर मदद मांगने की कोशिश की, लेकिन कोई मदद के लिए नहीं पहुंच पाया। नहर में नरेेश बहता रहा और एक भाई उसके साथ दौड़ते हुए मदद के लिए चिल्लाता रहा। अचानक नरेश पानी में डूब गया। पुलिस और प्रशासन की टीम जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों और एसडीआरएफ की टीमों ने नहर में नरेश को तलाशना शुरू किया। ग्यारह बजे के बाद नहर से पानी को रोकने की कवायद शुरू हुई। चौदह फुट के बहाव पर बह रही नहर का बहाव कम होने में घंटों लग गए। शाम पांच बजे के लगभग नरेश के शव को बरामद कर लिया गया।