तहसील बसोहली में पड़ते गांव पनागर के सांकी वन्य क्षेत्र के बीस कनाल रकबे पर पांच साल में हुए कब्जे को रविवार को स्थानीय प्रशासन ने हटा दिया। इस दौरान भूमि पर बनाए गए ढांचे को जेसीबी लगाकर तोड़ा गया। इसके साथ ही फसल भी नष्ट कर दी गई। हालांकि कब्जेदारी ने काफी सारी फसल काट ली थी।
नायब तहसीलदार प्रेम लाल की अध्यक्षता में थाना प्रभारी बसोहली और डीएफओ बसोहली विजय वर्मा की देखरेख में पहुंची टीम ने रविवार को वन्य क्षेत्र की भूमि को खाली करवाया। इसके साथ ही बीस कनाल भूमि पर अपना कब्जा वापस लिया।
अधिकारी ने बताया कि पनागर का रहने वाला मो. शरीफ पांच साल से सांकी वन्य क्षेत्र की बीस कनाल भूमि पर कब्जा किए हुए था। हालांकि प्रशासन की ओर से कब्जेदारी को कई बार नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन उसने भूमि पर फसल भी लगाई और ढांचा भी बनाया था।
अंतिम चेतावनी के तौर पर जब उसे नोटिस भेजा गया तो उसे ढांचा खाली कर दिया, लेकिन इससे पूर्व उसने अस्सी फिसदी फसल काट ली। उन्होंने बताया कि बची हुई फसल नष्ट कर दी गई है और ढांचा भी गिरा दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन सरकारी भूमि से कब्जे हाटने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन लोगाें को भी इसमें सहयोग देना होगा ताकि कब्जेदारियों पर सही से कार्रवाई हो सके।