फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आसिफा हत्याकांड

विज्ञापन
विज्ञापन
हीरानगर। आठ वर्षीय बच्ची हत्याकांड मामले में क्राइम ब्रांच की जांच से नाखुश हजारों की तादाद में लोग बुधवार को सड़कों पर उतर आए। मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने और निर्दोष लोगों को न फंसाए जाने की मांग लिए हजारों लोग घरों से निकले। घगवाल से लेकर हीरानगर मोड़ तक जहां व्यापारिक प्रतिष्ठनों को बंद रखकर समर्थन दिया गया। तो दूसरे तरफ कूटा से लेकर हीरानगर मोड़ तक शिक्षण संस्थान भी देखते ही देखते बंद हो गए। हजारों की तादाद में लोग चौक चौराहों पर सुबह से ही जमा होना शुरू हुआ।
विज्ञापन

सांबा जिले के घगवाल से हीरानगर मोड़ तक हिंदू एकता मंच के बैनर तले बुधवार को तिरंगा लिए शांतिपूर्वक रोष मार्च निकाली गई। तेरह किलोमीटर लंबी चली यह रोष मार्च हीरानगर मोड़ में एक जनसभा के साथ संपन्न हुई। रोष मार्च में हजारों की तादाद में महिलाएं बच्चे और बुजुर्ग भी शािमल रहे। इसमें विशेष रूप से छप्पड़ मोड़, छन्न मोरियां, गूड़ा मुंडियां और कूटा के लेाग शामिल रहे।
घगवाल से हीरानगर तक निकाली गई रोष मार्च की अगुवाई कर रहे हिंदू एकता मंच के अध्यक्ष एडवोकेट विजय शर्मा ने कहा कि बच्ची की मौत से हर कोई आहत है। यह निंदनीय घटना है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन सरकार के मंत्री, विधायक और नेताओं के वारदात के दूसरे ही दिन से रसाना पहुंचने के बाद मामले का राजनीतिकरण शुरू हो गया। दूसरे जिले के नेताओं ने आकर जिन पर भी आरोप लगाए क्राइम ब्रांच ने उन्हीं को हिरासत में ले लिया और आरोपी बना दिया। यह दबाव में की गई कार्रवाई है जिसमें निर्दोष लोगों को फंसाने की कोशिश की जा रही है। क्राइम ब्रांच की जांच से भी आपत्ति नहीं थी, लेकिन सरकार ने उन अधिकारी को ही बदल दिया जिन्हें जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हिरासत में लिए गए दीपक खजूरिया के दोस्तों को भी रोज परेशान किया जा रहा है। ऐसे में अब भरोसा उठ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मंच के सदस्य कांत कुमार शर्मा ने कहा कि यदि जल्द सीबीआई से जांच कराने के आदेश जारी न किए गए तो आंदोलन को और तेज कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें