कठुआ। कीड़ियां-गंडियाल समेत बेड़ियां पत्तन से सटे रावी दरिया में अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। पिछले एक दशक में रावी दरिया का सीना छलनी कर दिया गया है। नियमानुसार जहां खनन को लेकर एक दायरा सेट किया जाना जरूरी था, वहीं तीन-तीन मीटर तक खनन के ठेके देकर माइनिंग विभाग ने रावी दरिया में कई इलाकों में तीस से चालीस फुट तक खनन अपनी आंखों के सामने करवा दिया। पंजाब की ओर से हो रही अवैध खनन की राजस्थान, हिमाचल, पंजाब और हरियाणा तक सप्लाई रावी के अस्तित्व पर ही खतरा बन गई है।
प्रशासन की ओर से अवैध रूप से चल रहे कई स्टोन क्रशर हाल ही में बंद करवाए गए हैं, लेकिन कई स्टोन क्रशर अभी भी नियमों को ताक पर रखकर चल रहे हैं। दूसरी ओर जहां पहले ही खनन विभाग की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। विभाग की ओर से राजस्व वसूली की लिए अपनाया जा रहा तरीका भी अपने आप में गैरकानूनी है। दरअसल, खनन विभाग ने चौक चबूतरा में रायल्टी एकत्रित करने के लिए निजी लोगों को तैनात किया है। एक ट्रैक्टर चालक ने बताया कि विभाग के कर्मचारियों की जगह चौक चबूतरा पर निजी लोग रायल्टी वसूल रहे हैं। हैरत की बात है कि इस संबंध में खनन विभाग के अधिकारी भी गोलमोल जवाब देते नजर आते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि खनन विभाग ने नई भर्ती किन नियमों और शर्तों के आधार पर की है। यदि विभाग के लिए काम करने वाले ये निजी लोग सरकार को राजस्व जमा नहीं करवाते हैं तो विभाग उन पर किन नियमों के तहत कार्रवाई करेगा।