बसोहली। धार महानपुर में आयोजित रामलीला के दूसरे दिन ताड़का वध और सीता जन्म के दृश्यों का मंचन किया गया। राजा दशरथ के दरबार में ऋषि विश्वामित्र पहुंचते हैं। वह राजा दशरथ से तड़का के आतंक की बात बताते हुए राम लक्ष्मण को वन में ले जाने के लिए मांग करते हैं लेकिन राम लक्ष्मण की बाल्यावस्था को देखते हुए राजा दशरथ चिंतित हो जाते हैं और महर्षि विश्वामित्र से कहते हैं कि ये तो अभी बालक हैं। अंत में राजा दशरथ राम लक्ष्मण को महर्षि विश्वामित्र के साथ जाने की आज्ञा दे देते हैं।
वन में राम लक्ष्मण ऋषि मुनियों के यज्ञ की रक्षा करते हैं और असुरों का वध कर देते हैं। वे राक्षसी ताड़का को मार कर महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा करते हैं। ताड़का और अन्य राक्षसों का वध होते ही पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। रामलीला के दूसरे दृश्य में जनकपुरी में राजा जनक द्वारा धरती पर हल चलाना और धरती से सीता का जन्म होना आदि दृश्य का मंचन किया गया। वहीं तीसरे दिन की रामलीला में सीता स्वयंवर का मंचन होगा।