-अदालत से का लोगो लगाएं
- वर्ष 2016 में हुई सड़क दुर्घटना के बाद बीमा राशि न देने पर उपभोक्ता आयोग ने लिया संज्ञान
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक मामले की सुनवाई करते हुए बीमा कंपनी को 73 हजार 795 रुपये के भुगतान के साथ मुआवजे में हुई देरी के लिए पांच प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से बीमाधारक को हर्जाना अदा करने का आदेश जारी किया है।
दरअसल, वर्ष 2016 में राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बस्वाईं मोड़ के पास सड़क हादसे के बाद बीमाधारक को नुकसान की भरपाई नहीं की गई थी, जिस पर उसने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में याचिका दायर की थी। इस मामले का अब आयोग ने निपटारा कर दिया है। आयोग ने उक्त राशि का 45 दिनों के भीतर भुगतान करने का आदेश देते हुए कहा है कि अगर निर्धारित समय पर भुगतान नहीं किया जाता है तो बीमा कंपनी को इसके बाद 12 प्रतिशत दर से हर्जाना बीमाधारक को देना होगा।
शिकायतकर्ता सुनीता देवी पत्नी अशोक कुमार निवासी चंबा हिमाचल प्रदेश की रहने वाली है। उन्होंने 13 अप्रैल 2016 में कठुआ शहर से सटे बस्वाईं मोड़ के पास सड़क दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुई मैक्सी कैब (एचपी01सी-2734) के लिए नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड शाखा डलहौजी रोड पठानकोट से बीमा राशि की मांग की। बीमा कंपनी ने दूसरे राज्य में हुई दुर्घटना की बात कह भुगतान की राशि को ठुकरा दिया था। इसके बाद याचिकाकर्ता ने 6 जनवरी 2017 को जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंबा में एक अर्जी दाखिल की जिसमें आयोग ने 9 मार्च 2017 को आदेश जारी कर कहा कि जहां दुर्घटना हुई है वहीं पर ही मामले की सुनवाई होगी।
17 मार्च 2023 जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग कठुआ को मामले की अर्जी प्राप्त हुई। इसमें जिला कठुआ के उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष एमएस परिहार और सदस्य नीलम बाला भारद्वाज ने सुनवाई करते हुए 28 सितंबर 2024 को बीमा कंपनी को 73 हजार 795 की रकम का भुगतान करने का आदेश दिया।