- अगली बैठक में तय करेंगे आंदोलन की रणनीति, लोकतांत्रिक तरीके से जताएंगे विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर का विरोध करने के लिए विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने बैठक कर एक कार्यकारी कमेटी का गठन किया है। रविवार को श्री रविदास सभा मंदिर में हुई बैठक में नौ राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता व बुद्धिजीवी शामिल हुए।
इस दौरान हर संगठन से दो लोगों को लेकर एक कमेटी बनाई गई जो आगामी बैठक में मंच के नाम के साथ-साथ विरोध करने की रणनीति भी तय करेगी। बैठक का आयोजन जन जागृति मंच और अंबेडकर सेना मूलनिवासी की ओर से आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता आंबेडकर सेना मूलनिवासी के प्रधान प्रदीप आंबेडकरी ने की। इसमें कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, पीपुल्स डेमोक्रेोटिक पार्टी, आजाद समाज पार्टी, एसएसएफ, भीम आर्मी के नेता और कार्यकर्ताओं के अलावा स्टूडेंट एक्शन फ्रंट के साथ जसरोटा विधानसभा से आजाद प्रत्याशी रहे अमरीश जसरोटिया और बुद्धिजीवी व सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट सुशील गुप्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
एडवोकेट सुशील गुप्ता ने 15 अक्टूबर को स्मार्ट मीटर का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी पर पुलिस के लाठीचार्ज की निंदा की है। कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने का फैसला उप राज्यपाल की सरकार द्वारा एकतरफा निर्णय था जिसका विरोध लाजमी था। जिला प्रशासन ने जिस तरह विरोध दबाने की कोशिश की है वह निंदनीय है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पंकज डोगरा ने नौजवानों को हर दिन लोकतांत्रिक तरीके से स्मार्ट मीटरों का विरोध करने की सलाह दी। स्टूडेंट एक्शन फ्रंट के सन्नी डोगरा ने कहा कि प्रदर्शन करने के बाद वह जिला उपायुक्त के माध्यम से मौजूदा सरकार को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, मगर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। उनके चार साथियों पर मामला दर्ज कर उन्हें बंद कर दिया।
सभी ने आंदोलन को शहर के प्रत्येक वार्ड और ग्रामीण इलाकों तक ले जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि आज स्मार्ट मीटर शहरों में लग रहे हैं, कल ग्रामीण इलाकों में भी लगाए जाएंगे, इसलिए प्रत्येक नागरिक को इसके खिलाफ आवाज बुलंद करनी होगी। इस मौके पर कांग्रेस के रॉबिन शर्मा, विशु अंडोत्रा, पंकज शर्मा, बसपा के सुनील मजोत्रा, डॉ. सीआर मुंडे, नरेंद्र खजूरिया, जन जागृति मंच के प्रधान संजय, परमजीत सिंह, पीडीपी सुदेश कुमार भंडारी आदि मौजूद रहे।