सेवा-2 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात बिहार निवासी सीआईएसएफ के हेड कांस्टेबल अवधेश सिंह ने शाम करीब सात बजे कैंप में सर्विस राइफल से फायरिंग कर दी। गोली लगने से असिस्टेंट कमांडेंट एवं कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडेय, एसआई लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद व कांस्टेबल संजीव कुमार की मौत हो गई। सीआईएसएफ हेडक्वार्टर ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं।
पुलिस के अनुसार अंकित उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के उदिया गांव के, लक्ष्मण सिंह हिमाचल प्रदेश के सोलन व संजीव जम्मू-कश्मीर के अखनूर एवं रफीक डोडा जिले के गंदोह (भलेसा) तहसील के कंडालो गांव के रहने वाले थे।
एसएसपी कठुआ मोहिता शर्मा के अनुसार घटना में चार सीआईएसएफ कर्मियों की मौत हुई है। पुलिस ने आरोपी अवधेश सिंह को हिरासत में ले लिया है। सूत्रों के अनुसार अवधेश की पत्नी भी सीआईएसएफ में ही कांस्टेबल हैं। बताया जा रहा है कि वह बच्चे के साथ अवधेश के ड्यूटी पर रहने के दौरान क्वार्टर गार्ड आती थीं। यूनिट प्रशासन ने उन्हें बच्चे के साथ क्वार्टर गार्ड में प्रवेश करने व रहने की अनुमति नहीं दी थी। इसी मामले को लेकर विवाद की शुरुआत हुई थी। इसी दौरान अवधेश शाम को गेट के पास स्थित ऑपरेशंस सेक्शन के कार्यालय में पहुंचा। वहां कंपनी कमांडर अंकित समेत चार कर्मी मौजूद थे। आरोप है कि अवधेश ने सभी पर फायरिंग शुरू कर दी। बुधवार को सभी का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
एके-47 से फायरिंग, 150 राउंड थे पास
सीआईएसएफ सूत्रों और पुलिस के अनुसार अवधेश सिंह ने एके-47 राइफल से फायरिंग की। उसके पास करीब 150 राउंड गोलियां थीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत असिस्टेंट कमांडेंट एवं कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडेय के साथ हुई थी। इसके बाद अवधेश ने फायरिंग शुरू कर दी। कैंप में अचानक हुई फायरिंग से अफरातफरी मच गई और चार जवान इसकी चपेट में आ गए।
कंपनी कमांडर की मौत ने मामले को बनाया गंभीर
घटना में सीआईएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट एवं कंपनी कमांडर अंकित पांडेय की मौत ने मामले को और गंभीर बना दिया है। सेवा-2 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा के लिए तैनात बल के कैंप में ही सर्विस हथियार से हुई इस फायरिंग ने सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल भी खड़े किए हैं। घटना की पूरी परिस्थितियों और फायरिंग के क्रम की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। देर रात तक पुलिस व सीआईएसएफ के अधिकारी कुछ भी कहने से बचते रहे।
2009 में सीआईएसएफ में भर्ती हुआ था अवधेश
सूत्रों के अनुसार अवधेश सिंह वर्ष 2009 में सीआईएसएफ में भर्ती हुआ था। घटना के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस व सीआईएसएफ घटना की असल वजह की जांच में जुटी है।