रियासी। श्री दुर्गा नाटक मंडली रियासी की ओर से वीरवार को पहले नवरात्र से ओपन एयर थिएटर में रामलीला की शुरुआत की गई।
डीसी रियासी विशेष पाल महाजन ने ज्योत प्रज्वलित कर रामलीला की शुरुआत करवाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज के समय में रामलीला का आयोजन कर भगवान राम की महिमा को युवाओं को बताना जरूरी है। आज के बच्चों को भगवान राम से प्रेरणा लेना चाहिए। श्री दुर्गा नाटक मंडली की तरफ से हर वर्ष रामलीला का आयोजन करवाया जाना काफी सराहनीय है, जिससे युवा वर्ग प्रेरित होगा। वहीं रामलीला के पहले दिन भगवान गणेश की स्तुति पंडित चमन लाल शर्मा ने करवाई। इसके बाद वाल्मीकि रामायण को लिखते हुए का दृश्य मंचित हुआ। रामलीला में दूसरा दृश्य कैलाश पर्वत को पार करते हुए रावण की ओर से उसे उठाने का हठ करने का हुआ। इसमें पर्वत नहीं उठा पाने के बाद रावण ने भगवान शंकर की स्तुति की। इससे खुश होकर भगवान शिव उसे चंदरहास तलवार वरदान के रूप में देते हैं। दृश्य में मामा मारीच और शिव के नंदी गण के बीच हुए संवाद को काफी सराहना मिली। रामलीला में अन्य दृश्य रावण के आतंक से परेशान देवगण भगवान विष्णु के पास जाते हैं। इसमें वे अपने साथ हो रहे अन्याय के बारे में भगवान विष्णु को बताते हैं। वे रावण और उसके रक्षक की तरफ से किए जाने वाले अत्याचार के बारे में जानकारी देते हैं। इसके बाद भगवान विष्णु जल्द ही धरती पर राम के रूप में जन्म लेने के बात करते हैं।