कठुआ। शहर के कृष्णा कॉलोनी स्थित श्री महाकालेश्वर शिवदुर्गा मंदिर में सात दिन से जारी श्रीमद्भागवत कथा का समापन हो गया है। रविवार को कथा के समापन पर भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
श्रीमद्भागवत कथा के समापन सत्र के दौरान प्रवचन करते हुए कथाव्यास पीयूष महाराज ने भक्तों को श्रीमद्भागवत कथा का महात्म्य बताते हुए उन्हें सद्गति को प्राप्त करने के लिए शुद्ध अंत:करण से कथा का श्रवण करने की सीख दी। उन्होंने उपस्थित भक्तों को बताया कि किस प्रकार श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से पुण्य को प्राप्त कर राजा परीक्षित के सशरीर स्वर्ग यात्रा की। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य के लिए सद्गति प्राप्त करने का सबसे सरल उपाय है। इसके श्रवण मात्र से मनुष्य मोहमाया के बंधन से मुक्त होकर हरिधाम का अधिकारी बनता है, इसलिए लोगों को अपने साथ परिवार, समाज, देश और संपूर्ण मानवता के कल्याण को करने वाली कथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए। अंत में सामूहिक आरती के साथ कथा को विराम दिया गया।