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Kathua News: बालरूप श्रीकृष्ण की झांकी के दर्शन पाकर मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु

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कठुआ। ब्राह्मण सभागार में भगवान परशुराम जयंती समारोह के उपलक्ष्य में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन जारी है। कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। इस मौके पर प्रस्तुत भगवान की झांकी के दर्शन पाने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ देखने को मिली। संत सुभाष शास्त्री ने इस दौरान श्रीकृष्ण बाल लीला, कालियामसन मर्दन और गोवर्धन पूजा का सुंदर चित्रण किया।
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कथाव्यास ने कहा कि वर्तमान समय की पुकार है कि संत प्रेमरूपी अमृत वर्षा करें क्योंकि आज पूरी दुनिया नफरत और हिंसा की आग से जल रही है। कोई काम-क्रोध की आग में जल रहा तो किसी को लोभ-मोह अग्नि परेशान कर रही है। कही अहंकार की आग है तो कहीं द्वेष से मनुष्य जल रहा है। बाहर लगी आग तो बुझ जाती है लेकिन अंदर की आग प्रेमरूपी सत्संग की वर्षा से ही बुझ सकती है।

संत सुभाष शास्त्री ने कहा कि आज संसार आग की फाग खेल रहा है। जिस ओर भी देखें, मनुष्य ही मनुष्य के लहू का प्यासा है। आतंकवाद और नक्सलवाद की जो घटनाएं घट रही हैं, उससे सब स्वाह हो रहा है। संसार का कोई भी धर्म इसके लिए प्रेरित नहीं करता है। फिर भी ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं। इससे निजात पाने के लिए संसार को प्रेम का पाठ पढ़ाना होगा। इसके शिक्षक केवल संत होंगे।
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उन्होंने संगत से अनुरोध कि आप संसार को तो नहीं बदल सकते, लेकिन एक अच्छे साधक होने के नाते खुद को बदलने का प्रयास करें। परिणामस्वरूप आपका घर और समाज आदि में आपके बदलाव का असर शांति के रूप में दिखना शुरू हो जाएगा।
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